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जमशेदपुर : बाजार शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने तेज किया आंदोलन, बाहर से माल मंगाना बंद, आंदोलन को सफल बनाने के लिए बनी टीम 

Jamshedur : कृषि उत्पादन बाजार समिति पर प्रस्तावित बाजार शुल्क के विरोध में खाद्यान्न व्यापारियों का आंदोलन जारी है. सोमवार को आंदोलन की आगामी रूपरेखा और रणनीति तैयार करने के लिए परसुडीह स्थित बाजार समिति में खाद्यान्न व्यापारियों की एक बड़ी बैठक हुई. बैठक में सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पदाधिकारी भी शामिल हुए.  बैठक को संबोधित करते हुए चैम्बर अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने कहा कि झारखण्ड सरकार द्वारा दिनांक 24 मार्च 2022 को विधानसभा में कृषि उत्पादन बाजार समिति पर दो प्रतिशत बाजार शुल्क लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया है. सरकार के इस अव्यावहारिक निर्णय के खिलाफ सबसे पहले सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने आंदोलन की अलख जगाई थी,  जो कि अब पूरे प्रदेश में मशाल का रूप ले चुकी है.  उन्होंने कहा कि यह शुल्क वर्तमान परिवेश में पूरी तरह से अव्यावहारिक है.  इससे इंस्पेक्टर राज और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा और व्यापारियों को व्यापार करने में परेशानी आएगी.  सरकार को भी इस शुल्क से विशेष राजस्व नहीं मिलेगा.  कुल मिलाकर यह बाजार शुल्क न राज्यहित में है, न राजस्व हित में है और न ही जनता के हित में है.  इसीलिए इसके विरोध में प्रारंभ से ही व्यापारी समुदाय आंदोलनरत है.  इस शुल्क  के विरोध में  सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इडस्ट्री ने प्रदेश के महामहिम राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपा था.  इसके बाद काला बिल्ला लगाकर व्यापारियों ने सांकेतिक विरोध किया एवं उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना भी दिया.  लेकिन व्यापारियों के चरणबद्ध आंदोलन का सरकार पर कुछ भी असर होता नहीं दिखाई पड़ रहा है.  इसलिये आंदोलन के अगले चरण में कोल्हान के व्यापारियों ने निर्णय लिया कि 15 मई 2022 से खाद्यान्न का कोई भी माल नहीं मंगाएंगे.  इस आंदोलन को प्रभावी एवं धारदार बनाने के लिये क्षेत्रवार व्यापारियों की टीम का गठन किया गया जो कि मंडियों पर नजर रखेगी.

क्षेत्रवार टीमों का गठन किया गया

इसके अलावे व्यापार मंडल एवं सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की एक संयुक्त टीम बनाई गई जो इस आंदोलन के दौरान समन्वय का काम करेगी.  इस टीम में चैम्बर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष नितेश धूत, सचिव अनिल मोदी, व्यापार मंडल के दीपक भालोटिया, करण ओझा, सत्यनारायण अग्रवाल मुन्ना, पवन नरेडी, दिलीप अग्रवाल पप्पू, भीमसेन शर्मा, गिरधारीलाल शर्मा (ब्रोकर) शामिल है. क्षेत्रवार टीम का गठन किया गया, जिसमें साकची के लिए रामू देबुका, संदीप सिंह, मनोज चेतानी, रौनक सचदेवा, बिष्टुपुर के लिए महेश संघी, चंडी नागेलिया, आनंद राव, जुगसलाई के लिए मनोज गोयल, विजय सरायवाला, राजेश अग्रवाल, ललित केवलका, मुरारी अग्रवाल, गोलमुरी के लिए राजेश अग्रवाल, शंकरलाल अग्रवाल, बंटी अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, रंजीत सिंह सचदेवा, मानगो के लिए बंशीधर अग्रवाल, जुगल केडिया, विजय खेमका, सत्तू महेश्वरी, बबलू प्रसाद, परसुडीह बाजार समिति के लिए विजय रामूका, चन्द्रप्रकाश शुक्ला, आशीष शर्मा, मनोज अगीवाल और गणेश वोरा के अलावे आलू-प्याज विक्रेता विद्याशंकर गुप्ता, देवकुमार साहू और  मोहम्मद इकबाल को शामिल किया गया. सिंहभूम चैम्बर के इस अभियान को आटा मिल, चावल मिल और आलू-प्याज विक्रेता संघ का भी समर्थन प्राप्त है.

Chanakya IAS
SIP abacus
Catalyst IAS

बैठक में ये थे शामिल

The Royal’s
Pushpanjali
Sanjeevani

आज की बैठक में विशेष रूप से चैम्बर अध्यक्ष विजय आनंद मूनका, उपाध्यक्ष नितेश धूत, उपाध्यक्ष मुकेश मित्तल, महेश सोंथालिया, सचिव अनिल मोदी, कोषाध्यक्ष किशोर गोलछा, ललित कुमार, सांवरमल अग्रवाल, दामोदर प्रसाद, राजेश अग्रवाल, रवि शर्मा, बालमुकुंद अग्रवाल, अरविन्द, महावीर गोयल, निखिल नागेलिया, धर्मेन्द्र राय, केशव अग्रवाल, दिलीप सिंह, देवप्रसाद साहू, संतोष कुमार आदि के अलावां भारी संख्या में खाद्यान्न एवं संबंधित व्यापारी शामिल थे.

इसे भी पढ़ें – चैंबर ने की सरकार से अपील, कृषि शुल्क को समाप्त करने की हो पहल

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