JharkhandRanchi

जमशेदपुर, साहेबगंज, सिमडेगा और राजमहल की जेलों में बंद हैं क्षमता से ज्यादा कैदी

विज्ञापन

Ranchi : झारखंड राज्य के जमशेदपुर, साहिबगंज, सिमडेगा और राजमहल के जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी बंद हैं. जमशेदपुर स्थित घाघीडीह सेंट्रल जेल में कैदी रखने की क्षमता 1467 है लेकिन यहां वर्तमान में 1800 से अधिक कैदी बंद हैं.

साहिबगंज मंडल कारा में कैदी रखने की क्षमता 225 है लेकिन यहां 367 कैदी बंद हैं. सिमडेगा मंडल कारा में कैदी के रखने कि क्षमता 190 है लेकिन यहां पर 415 कैदी बंद है और राजमहल उपकारा में कैदी के रखने कि क्षमता 120 है लेकिन यहां पर 209 कैदी बंद हैं. इन जेलों में कुख्यात अपराधी और नक्सली बंद हैं.

इसे भी पढ़ेंःगुजरात राज्यसभा चुनाव पर कांग्रेस की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज

advt

कैदियों को नहीं मिल पाती है मूलभूत सुविधाएं

झारखंड के विभिन्न जेलों में क्षमता से अधिक कैदी बंद हैं. जिसकी वजह से कैदियों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पाती हैं. हालात ये है मामूली सुविधाओं के लिये भी कई बार कैदी आपस में भीड़ जाते हैं.

कई बार यह भिड़ंत खूनी संघर्ष में बदल जाती है. जेल में बंद कई कैदी गंभीर बीमारियों से ग्रसित होकर अपनी जान तक गंवा चुके हैं. झारखंड की एक नहीं कई जेलों की ऐसी स्थिति है जहां क्षमता से ज्यादा कैदी बंद हैं.

इसे भी पढ़ेंःरिपोर्टः हाल के दिनों तेजी से बढ़ा हेट क्राइम, बीजेपी शासित राज्यों में 66% घटनाएं

जेल में कर्मचारियों की भारी कमी

जेलर के साथ-साथ राज्य की जेलों में कर्मचारियों की भी भारी कमी है. झारखंड की जेलों में विभिन्न पदों के लिए हजारों सीट खाली हैं. लंबे समय से कर्मियों की प्रतिनियुक्ति नहीं हो पा रही है. ऐसे में जेल में कैदियों को संभालना और कार्यालय के काम को पूरा करना जेल प्रशासन के लिए परेशानियों का सबब बना हुआ है.

adv

इसे भी पढ़ेंःकोलकाता : चार संदिग्धों को STF ने किया गिरफ्तार, इस्लामिक स्टेट आतंकी होने का दावा

जेलरों की भी है कमी

झारखंड की जेलों में जेलर की भारी कमी है. राज्य गठन को 18 साल हो गए हैं. लेकिन इतने वर्षों के बावजूद भी झारखंड की कई जेलों में जेलर नहीं हैं. राज्य में 29 जेल हैं- जिनमें 7 सेंट्रल जेल,16 मंडल कारा, 5 उपकारा और एक ओपन जेल शामिल है. जेलों में असिस्टेंट जेलर और क्लर्क के भरोसे काम चल रहा है.

इसे भी पढ़ेंःप. बंगालः टीएमसी को बड़ा झटका, दक्षिण दिनाजपुर जिला परिषद पर बीजेपी का कब्जा

एक साथ झारखंड के कई जेलों में की गई छापेमारी

24 जून को राजधानी के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार समेत राज्य के सभी जेलों में प्रशासन ने छापा मारा. होटवार जेल के साथ-साथ पलामू सेंट्रल जेल, सिमडेगा मंडल कारा, लोहरदगा जेल, दुमका जेल और खूंटी उपकारा में भी अहले सुबह जिले के एसपी और प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में छापेमारी अभियान चलाया गया. खबर है कि डीजीपी के निर्देश पर राज्य के सभी जेलों में कार्रवाई की गई.

छापेमारी के क्रम में जेल की सुरक्षा, कैदियों की जेल के अंदर की गतिविधियों, मुलाकातियों के ब्योरे, कैदियों को बाहर से मिल रही गैर नियम विरुद्ध सहायता और सुविधा की आशंकाओं, मोबाइल और दूसरे ऐसे साधन का जेल के अंदर इस्तेमाल, कैदियों को पेशी के लिए कोर्ट लाने-ले जाने के दौरान बरती जा रही सुरक्षा और जेल ब्रेक की आशंका समेत अन्य मुद्दों को लेकर जांच की गई थी.

इन जेलों से कई आपराधिक घटनाओं के तार पहले से जुड़े हैं. जेल के अंदर से ही कई बार रंगदारी मांगी जाने की बात भी सामने आ चुकी है.

राज्य के सभी जेलों में की गयी छापेमारी से कैदियों के बीच हड़कंप मच गया. सभी जेल में करीब दो घंटे तक पुलिसकर्मी पूरी मुस्‍तैदी से आपत्तिजनक चीजें ढूंढने में जुटे रहे. लेकिन खूंटी उपकारा को छोड़कर किसी भी जेल से कोई भी आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई.

इसे भी पढ़ेंःCorruption: शिक्षा विभाग में हर काम के लिए रेट तय, स्थिति नियंत्रण से बाहर, निदेशक की अपील- ACB  को दें सूचना, होगी कार्रवाई

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button