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जमशेदपुर : सरकारी भवनों पर सोलर सिस्टम लगाने के लिए JNAC के एक करोड़ के टेंडर पर सवाल, जानें क्या है हकीकत

Jamshedpur :  जमशेदपुर अधिसूिचित क्षेत्र समिति को 15वें वित्त आयोग से मिली राशि को शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण की स्थिति में सुधार के उपायों पर खर्च करना है. इस राशि से जेएनएसी एरिया में वृक्षारोपण तथा सरकारी भवनों पर सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए कुल तीन करोड़ के टेंडर अवार्ड कर दिये गये हैं. हालांकि अभी संबंधित संवेदकों को वर्क ऑर्डर जारी नहीं हुआ है. लेकिन कुछ लोगों ने इस पर सवाल उठाये हैं. उनका कहना है कि जेएनएसी इस राशि से ऐसी-ऐसी योजनाओं का टेंडर जारी कर रहा है, जो दूसरे सरकारी विभागों द्वारा बिना किसी खर्च के कराया जा सकता है.

सरकारी भवनों पर सोलर सिस्टम के लिए एक करोड़ का टेंडर 

इनमें से एक योजना है जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के अंतर्गत आनेवाले सरकारी भवनों पर सोलर पावर प्लांट लगाने की योजना. जेएनएसी ने इसका टेंडर निकाला है.  इस टेंडर की लागत एक करोड़ रुपये है और सोलर एनर्जी सेविंग नामक कंपनी ने इसका ठेका हासिल किया है. जानकार बताते हैं कि  झारखंड रीन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट अथॉरिटी (ज्रेडा) की तरफ से निजी भवनों पर सोलर पावर प्लांट स्थापित करने के लिए सब्सिडी दी जाती है. यह सब्सिडी 40 प्रतिशत से लेकर 60 प्रतिशत तक है. इसके अलावा ज्रेडा की ओर से सरकारी भवनों पर बिना किसी शुल्क के सोलर प्लांट स्थापित किया जाता है. इस पर सवाल खड़े किये जा रहे हैं.

Sanjeevani

सरयू ने उपायुक्त से सोलर पैनल का टेंडर रद्द करने को कहा 

जेएनएसी द्वारा निकाले गये इन टेंडर के बारे में पूछे जाने पर जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने कहा कि उन्होंने उपायुक्त को सोलर पैनल का टेंडर रद्द करने के लिए कहा है. सरयू राय ने कहा कि सरकारी भवनों पर सोलर पैनल ज्रेडा द्वारा मुफ्त में लगाया जाता है. मुफ्त में होनेवाले काम के लिए 15वें  वित्त आयोग से मिली राशि को खर्च करने का कोई मतलब नहीं है. उन्होंने कहा कि मैंने अधिकारियों को सलाह दी है कि ऐसा कोई काम न करें, जिससे आलोचना हो. राशि का सार्थक खर्च होना चाहिए.

जिला योजना से गया प्रस्ताव, स्वीकृति के बाद ज्रेडा से रेट लेकर हुआ टेंडर : विशेष पदाधिकारी  

इधर इस बारे में जेएनएसी के विशेष पदाधिकारी कृष्ण कुमार ने कहा कि जेएनएससी एक स्वतंत्र संस्था है और पूरी प्रक्रिया नियमसंगत तरीके से पूरी की गयी है. जिला योजना से सरकारी भवनों पर सोलर सिस्टम लगाने का प्रस्ताव गया. जिला योजना समिति के अध्यक्ष उपायुक्त हैं. सांसद और विधायक गण भी इसके सदस्य होते हैं. यहां से यह प्रस्ताव मुख्य सचिव की अध्यक्षतावाला हाई लेवल कमेटी के पास गया. वहां से यह प्रस्ताव अप्रूव्ड होकर आया. प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद जेएनएससी के इंजीनियरों ने ज्रेडा से रेट लिया. इसके बाद एस्टीमेट बनाया. इस एस्टीमेट को चीफ इंजीनियर ने अनुमोदित किया. टेक्निकल सैंक्शन होने के बाद टेंडर हुआ. अभी संवेदक को वर्क ऑर्डर जारी नहीं हुआ है. उन्होंने सवाल किया कि यदि यह प्रस्ताव विधिसम्मत नहीं था, तो जिला योजना में इसका विरोध क्यों नहीं हुआ. हाई लेवल कमेटी ने भी इसे अप्रूव किया. विशेष पदाधिकारी ने कहा कि रांची समेत राज्य के कई शहरों में इसे नगर निकायों द्वारा लगवाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ज्रेडा की दर पर ही जेएनएसी काम कर रही है. और एक स्वतंत्र निकाय होने के नाते वह इसके लिए सक्षम एजेंसी है.

दो करोड़ से जेएनएसी एरिया में लगेंगे पेड़ और होगी घेराबंदी

इसी तरह जेएनएसी ने एक और टेंडर निकाला है. यह है जेएनएसी के अंतर्गत विभिन्न स्थानोंं पर वृक्षारोपण एवं घेराबंदी का काम. करीब दो करोड़ रुपये की इस योजना का काम मेसर्स झारखंड इंटरप्राइजेज नाम के संवेदक को दिया गया. वृक्षारोपण की इस योजना में करीब नौ हजार पेड़ लगाये जाने हैं. आरोप है कि इस काम के लिए वन विभाग से कोई रेट आदि नहीं लेकर अपने स्तर से ही  पौधों की दर का निर्धारण कर टेंडर निकाल दिया गया. यह भी तय नहीं किया गया है कि किस प्रकार के वृक्षों के पौधे लगाये जाने हैं. यही नहीं, जमशेदपुर अक्षेस के अंतर्गत किन इलाकों में इन पेड़ों के पौधे लगाये जाने हैं, यह भी अभी तय नहीं किया गया है.

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