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#Jamshedpur: स्वास्थ मंत्री बन्ना गुप्ता के कोरोना वॉलेंटियर्स पर उठ रहे सवाल, प्रशासन के लिए भी बने सिरदर्द

Jamshedpur: जमशेदपुर में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता द्वारा कोरोना वॉलेंटियर्स तैयार किये गये हैं जिन्हें स्वास्थ्य विभाग का सपोर्ट स्टाफ बताया गया है.

इसके लिए उन्हें एक पास भी निर्गत किया गया है, जिसपर स्वास्थ्य मंत्री का हस्ताक्षर और मुहर लगी है. इस पर लोगों द्वारा सवाल उठाये जा रहे हैं कि आखिर क्यों मंत्री जी ने अलग से सपोर्ट स्टाफ तैयार किया.

अगर स्वास्थ्य विभाग ने सपोर्ट स्टाफ बहाल किये हैं तो कितने किये हैं और यह सिर्फ जमशेदपुर में ही क्यों किया गया है.

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जमशेदपुर के लोगों का कहना है कि यह पास उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को जारी किया है ताकि वे आसानी से घूम-फिर सकें.

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खाना बांटने वालों के लिए जिला प्रशासन का अलग पास 

लोगों ने माना कि वे खाना बांटते हैं पर वे कह रहे हैं कि जिला प्रशासन ने भी अपनी ओर से खाना बांटने वालों के लिए पास निर्गत किया है, ऐसे में मंत्री जी चाहते तो एसडीओ डीसी के स्तर से पास निर्गत करा सकते थे.

पर अलग से स्वास्थ्य विभाग का सपोर्ट स्टाफ बताकर पास निर्गत करने की आवश्यकता क्यों पड़ी.

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इस पर जिला प्रशासन ने भी कहा है कि पास निर्गत करने का काम सिर्फ प्रशासन द्वारा नियुक्त कमांडेंट ही कर सकते हैं. इसके अलावा कोई और नहीं कर सकता.

अगर प्रशासन द्वारा निर्गत पास के अलावा कोई घूमता है तो इसकी जवाबदेही चेक नाका में मौजूद पुलिस कर्मियों की होगी.

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पास को देखकर ना पुलिस रोकती है ना प्रशासन

जमशेदपुर के लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग का सपोर्ट स्टाफ बताकर जिन्हें पास निर्गत किया गया है वैसे लोगों को ना तो जमशेदपुर की पुलिस रोकती है ना ही प्रशासन.

ऐसे में वो आसानी से घूम फिर रहे हैं और लॉक डाउन का पालन नहीं कर रहे हैं. ऐसी स्थिति में जमशेदपुर में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है.

स्वास्थ्य मंत्री के कार्यकर्ता आसानी से कहीं भी आ जा रहे हैं और दिन भर घूमते देखे जाते हैं. चेक नाका पर मौजूद पुलिसकर्मी भी ऐसे कार्यकर्ता को नहीं रोकते हैं.

प्रशासन के लिए स्वास्थ्य मंत्री द्वारा खड़ी की गयी समानांतर व्यवस्था अलग चुनौती बनी हुई है.

इस मामले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से उनके पक्ष लेने का प्रयास किया गया पर कोई जवाब नहीं मिला.

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