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#Jamshedpur: अफगानिस्तान और तुर्की का प्याज भी नहीं बन सका महंगाई का मरहम, नये साल में कीमत घटने के संकेत

Jamshedpur: जमशेदपुर में अफगानिस्तान और तुर्की से आया प्याज भी लोगों को राहत नहीं दे सका है. विदेश से आया प्याज बिका तो महज 60 रुपये किलो लेकिन मांग के हिसाब से स्टॉक नहीं रहने पर नासिक के प्याज की कीमत पर इसका कोई असर नही पड़ा.

नासिक का प्याज अभी भी खुदरा में 120 प्रति किलो ही बिक रहा है. दरअसल परसुडीह बाजार समिति में अफगानिस्तान और तुर्की का प्याज केवल पांच टेंपो ही आया.

ये प्याज चक्रधरपुर से परसुडीह मंडी भेजा गया. लेकिन एक तो स्टॉक कम था और दूसरा उपभोक्ताओं के हाथ लगने से पहले ही होटल कारोबारियों ने इसे हाथों-हाथ खरीद लिया.

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नये साल में कीमत में गिरावट के संकेत

परसुडीह बाजार समिति के संचालक बिनोद सिंह का कहना है कि जमशेदपुर में प्रतिदिन पांच ट्रक प्याज की खपत है. अभी दो ट्रक प्रतिदिन की ही सप्लाई हो पा रही है.

हालांकि पहले की तुलना में नासिक से प्याज की आवक में सुधार हुआ है, लेकिन स्थिति को सामान्य होने में अभी भी कम से कम एक महीना लगेगा. तब ही प्याज की कीमत 50 रुपये प्रति किलो के नीचे आ सकेगी.

विनोद सिंह आगे कहतें हैं कि अफगानिस्तान और तुर्की से जो प्याज आया वो मांग की तुलना में बेहद कम था जिसके चलते कीमत पर इसका कोई असर नहीं पड़ा.

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क्यों महंगा हुआ प्याज

बता दें कि सितंबर-अक्टूबर में नासिक मंडी भारी बारिश के चलते कई दिनों तक खुल ही नहीं सकी थी. इसके चलते आवक बुरी तरह से प्रभावित हुई.

नौबत ये हो गयी थी कि शहर में एक दिन के गैप पर एक ट्रक प्याज की सप्लाई हो रही थी जिसके चलते व्यपारी मुनाफा के लिए जमाखोरी करने लगे थे.

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