JamshedpurJharkhand

Jamshedpur : 2000 रुपए की खातिर मां ने बच्चा बेचा… इस खबर का आखिर क्या है सच…जानिए

Abinash mishra

Jamshedpur : बुधवार सुबह एक अखबार में छपी खबर, ठंड और भूख से बचाने के लिए बच्चे को महज 2000 रुपये में बेचा, की सच्चाई जानने के लिए जब हम बागबेड़ा थाना पहुंचे तो सच कुछ अलग ही निकला. जानिए इस मसले पर बच्चे की मां,पुलिस और चाईल्ड वेलफेयर का क्या कहना है.

क्या कहती है बच्चे की मां

बच्चे की मां का नाम गुड़िया खान है जो चाईबासा बस स्टेंड पर यात्रियों से भीख मांग कर अपना गुजारा करती है.  उसका कहना है की मंगलवार रात उसके पास कुछ लोग आये और बच्चे को ढंड में सोते देख परिवरिश के लिए बच्चा देने को कहा. गुड़िया ने कहा की उसने बच्चा बेचा नही है लोगों के कहने पर ढड से बचाने के लिए बच्चा दे दिया.

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur :  दारोगा पर प्रताड़ना का आरोप गठित, पत्नी, सास और साले पर गोली चलाने के मामले में हुई पेशी

क्या कहता है बच्चा लेने वाला

विक्की मुखी जुगसलाई स्थित हरिजन बस्ती के रहने वाले हैं. वे रेलवे में संविदा पर सफाई का काम करते हैं. विक्की मुखी का कहना है कि उन्होंने सड़क किनारे बच्चे को ठंड से ठिठुरते देखा,  तो बच्चे की परवरिश के लिए महिला से बच्चा देने की बात कही. महिला के पास बच्चे के दूध के लिए पैसे तक नहीं थे. ठेले-खोमचे वाले पैसे इक्ट्ठा कर दूध खरीद कर दे रहे थे.

तेज ठंड में बच्चा कैसे जीता?  लिहाजा उन्होंने महिला से कहा कि वो पास का ही रहने वाला है.  जहां वो आते-जाते बच्चे को देख भी सकेगी. विक्की और ठेले-खोमचे वालों के कहने पर महिला मानी और बच्चा दे दिया,  लेकिन इसके लिए न तो महिला को कोई पैसा दिया और न ही ऐसी कोई पेशकश की.

इसे भी पढ़ें : #Dhanbad : संयुक्त मोर्चा की हड़ताल का कोल इंडिया में दिखा मिला-जुला असर, बैंककर्मी भी उतरे सड़क पर, केंद्र सरकार के खिलाफ जम कर की नारेबाजी

क्या कहते हैं डेप्युटी एसपी

डेप्युटी एसपी आलोक रंजन का कहना है कि पूछताछ से जो जानकारी मिली  उसके आधार पर इसे खरीद-बिक्री का मामला नहीं कहा जा सकता. मां मानसिक रोगी है.  ठीक-ठीक कुछ वोल नहीं पाती है. हालांकि पूछताछ के बाद महिला और बच्चे को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा दिया गया है. पुलिस इस मसले पर अभी और जांच कर रही है.  विक्की मुखी पास के ही हरिजन बस्ती के हैं. उसके भी दो बच्चे हैं.  ऐसे में कानूनी जानकारी के अभाव में उठाये गये कदम की संभावना ज्यादा है.

चाईल्ड वेलफेयर का भी खरीद फरोख्त से इनकार

खरीद-फरोख्त की खबर से  इनकार करते हुए चाईल्ड वेलफेय़र कमेटी पूर्वी सिंहभूम की चेयरमैन पुष्पा तिर्की का कहना है कि  फिलहाल दो-तीन दिनों तक उनकी नजर बच्चे और महिला की सेहत पर रहेगी. मां गुड़िया खान मानसिक रोगी है.  ऐसे में सेहत में सुधार के बाद ही फैसला किया जायेगा कि बच्चा मां के साथ रहेगा या बच्चे को चाईल्ड केयर सेंटर भेजा जायेगा.

इसे भी पढ़ें : इरफान बोले, तबरेज की हत्या बीजेपी व आरएसएस ने करायी, हुआ बवाल, अध्यक्ष के कहने पर भी नहीं मांगी माफी

 

Advt

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button