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#Jamshedpur: JSEB  ने फैक्ट्स के साथ खिलवाड़ करने पर टाटा स्टील को लगायी फटकार

कहा- गलत जानकारी देकर न बढायें कन्फ्यूजन, सही जानकारी के साथ करें मीटिंग

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Jamshedpur: झारखंड स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (जेएसइबी) की एक जनसुनवाई के दौरान शुक्रवार को जेएसइबी ने जमकर टाटा स्टील और उसकी मेंटेनेंस कंपनी जुस्को के पदाधिकारियों को फटकार लगायी.

टाटा स्टील और जुस्को के प्रेजेंटेशन के दौरान जेएसइबी ने तथ्यों को सही तरीके से नहीं बताने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिन फैक्ट्स को टाटा स्टील और जुस्को बता रही है वो सही नहीं है, उसमें सुधार की दरकार है.

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जनसुनवाई के दौरान जेएसइबी ने दोनों को तीन हफ्ते का समय देते हुए कहा कि रिपोर्ट में सुधार कर उनके सामने आयें.

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क्यों हुई जनसुनवाई

दरअसल टाटा स्टील ने एक हफ्ता पहले जेएसइबी को बिजली दर प्रति यूनिट करीब 2 रुपये बढ़ाने के लिए आवेदन दिया था.

कंपनी ने इसके पीछे दलील दी कि बिजली वितरण में उनका खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है. 2018-19 के मुकाबले 2019-20 में उनके खर्च में 22 परसेंट का इजाफा हो गया है जिसके चलते बिजली की दर में इजाफा जरूरी हो गया है.

इसी को लेकर जेएसइबी ने नीलडीह ट्यूब मेकर्स क्लब में जनसुनवाई का आयोजन किया. जनसुनवाई मे आये उपभोक्ताओं से रायशुमारी कर ये पता लगाने की कोशिश की गयी कि टाटा स्टील की तरफ से दिये गये आवेदन में कितनी सच्चाई है.

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हालांकि उपभोक्ताओं ने बिजली दर में इजाफे की दरकार से साफ इंकार करते हुए कहा कि साल भर पहले ही टाटा स्टील करीब 1 रुपया प्रति यूनिट बढ़ा चुकी है.

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फैक्ट्स में क्या थी गड़बड़ी

टाटा स्टील के तरफ से दिये गये प्रेजेंटेशन में कंपनी ने दलील दी कि कंपनी को बिजली बिल से साल में करीब 84 करोड़ रुपये की आमदनी होती है जिसमें से 12 करोड़ रुपये सरकारी खाते में जमा होते हैं.

वहीं जुस्को पावर डिवीजन के प्रेजेंटेशन में बताया गया कि टाटा स्टील को बिजली बिल से 290 करोड़ रुपये सालाना की कमाई होती है और बीते पांच सालों में करीब 300 करोड़ रुपये कंपनी की तरफ से सरकारी खाते में जमा कराये गये हैं.

दोनों के प्रजेटेंशन में भारी अंतर को देख जहां उपभोक्ताओं के बीच फुसफुसाहट शुरू हो गयी तो वहीं जेएसइबी की वरीय पदाधिकारी अरविंद सिंह अंतर देखते ही भड़क उठे.

उन्होने साफ तौर पर कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. दलीलों में भारी अंतर है और अधिकारी पहले सही जानकारी का पता कर लें. इस तरह के कन्फ्यूजन से किसी का लाभ नहीं होने वाला.

अरविंद सिंह ने साफ तौर पर कहा कि जब तक टाटा स्टील सही फैक्ट्स के साथ नहीं रखेगा तब तक बिजली दर बढ़ाने पर किसी तरह का कोई विचार नही किया जायेगा.

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