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जमशेदपुर : “मंगल मेरी मैया का” कार्यक्रम में झुंझुनू वाली सेठाणी के दीवानों ने जमकर मचाया धमाल

350 महिलाओं ने सामूहिक मंगलपाठ से रिझाया मोटी सेठाणी को, 8 प्रकार के गजरा उत्सव से बढ़ी भव्यता, मायुमं आकृति व्हील्स कालीमाटी शाखा के तत्वावधान में हुआ आयोजन

Jamshedpur : झुंझुनूवाली सेठाणी के दीवानों ने शनिवार को जमकर धमाल मचाया. मौका था मारवाड़ी युवा आकृति व्हील्स कालीमाटी शाखा के तत्वावधान में आयोजित ” मंगल मेरी मैया का” कार्यक्रम. जुगसलाई एमई स्कूल रोड स्थित माहेश्वरी मंडल में दोपहर 3.00 बजे से आयोजित इस कार्यक्रम में शहर भर की लगभग 350 महिलाओं ने हिस्सा लिया और संगीत में मंगल पाठ का सामूहिक वाचन किया. पिछले 6 महीनों में जुगसलाई के क्षेत्र में यह सबसे बड़ा भक्ति कार्यक्रम था, जिसको लेकर स्थानीय महिलाओं में काफी उत्सुकता थी.  नारायणी चली ससुराल, धन-धन बढ़ाया हाथ दादी की है मांग सजाई जैसे  मंगल पाठ के दौरान जब मोटी सेठानी आदि शक्ति का ब्यावला गाया गया, तो पंडाल में एकत्रित महिलाओं ने आपस में एक-दूसरे को बधाइयां बांटीं. लगभग 5 घंटे चले इस कार्यक्रम में आदिशक्ति के भक्तों ने भजनों की पैरोडी श्रृंखला से उनको खूब रिझाया. जमशेदपुर में बड़ी संख्या में झुंझुनू वाली दादी के मानने वाले रहते हैं. सावन के मौके पर आकृति व्हील्स कालीमाटी शाखा के द्वारा एक तरह का यह सावन उत्सव ही आयोजित किया गया था.

श्वेता रुनझुन ने किया मंगलपाठ
पश्चिम बंगाल के रानीगंज शहर से आयी प्रसिद्ध भजन गायक का श्वेता रूनझुन ने मुख्य मंगल पाठ वाचिका के रूप में मंगल पाठ किया. उनके साथ 5 सदस्यीय संगीतकारों का दल भी आया था. दरबार में उपस्थित महिलाएं भी स्वेट के साथ-साथ पाठ करती रहीं. मंगल पाठ के विभिन्न प्रसंगों पर आयोजक शाखा के सदस्यों ने नृत्य नाटिका भी नृत्य नाटिका प्रस्तुत की. इनमें बच्चे और पेशेवर कलाकार भी शामिल थे.

71 चुनड़ी का हुआ अर्पण
मंगल मेरी मैया का कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की ओर से 71 चुनरी का अर्पण किया गया जिसे मां को ओढ़ाने के पश्चात प्रसाद स्वरूप समर्पण करने वाले श्रद्धालु भक्तों को वापस दे दिया गया. एक चुनरी की लंबाई सवा दो मीटर थी.

18 सवामणी का लगा भोग
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने 18 सवामणि का भोग दादी मां को अर्पित किया. इसके पश्चात कार्यक्रम के अंत में लगभग 600 लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया.

7 आरती की थाली से हुई महाआरती
रानी सती दादी की पूजा में वर्णित प्रावधानों के अनुरूप 7 थालियों को सजा कर महा आरती का कार्यक्रम किया गया, जिसमें दादी की आरती के अलावा पितरों की आरती सहित पांच अन्य देवी देवताओं की आरती की गयी.

गजरा उत्सव से माहौल हुआ सुहाना
कार्यक्रम के दौरान मेहंदी, काजल, सिंदूर, बिंदी, फूल, सुहाग चूड़ी सहित अन्य चीजों का गजरा बना कर गजरा उत्सव आयोजित किया गया इस क्रम में सवा 5 किलो मेहंदी सवा 5 किलो सिंदूर से दादी मां का अभिषेक किया गया और इन दोनों चीजों का वितरण वहां उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच किया गया

प्रायोजकों ने सफलता में दिया योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रायोजकों ने भी प्रमुख भूमिका निभाई. पुरुषोत्तम देबूका ने मंडप का खर्च वहन किया, जबकि रितिका पुरिया और कृष्णा सुरेका ने सुहाग पिटारे को प्रायोजित किया. आयोजन स्थल को प्रायोजित अंजलि तापड़िया ने किया. अन्य कई व्यवस्थाओं को गुंजन तुलस्यान, बिंदु शर्मा, सुनीता अग्रवाल आदि ने प्रायोजित करके उत्सव को महोत्सव में बदल दिया.

यह थीं उपस्थित
अध्यक्ष अंकिता लोधा, सचिव श्वेता गनेड़ीवाल, उपाध्यक्ष लक्ष्मी शारडा, सह-सचिव आरती बगड़िया, कोषाध्यक्ष सोनी पोद्दार, कृष्णा सुरेखा, पूजा खंडेलवाल, रितिका पुरिया, मधु अग्रवाल, ज्योति सोनी, आरती, रजनी पाडीया, मेघा शर्मा, अंजलि तापड़िया, बिंदु शर्मा, संगीता अग्रवाल आदि मौजूद थीं.

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