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जमशेदपुर : शहर की सड़कों पर रैश ड्राइविंग करने से अब भी बाज नहीं आ रहा है युवा वर्ग, कदमा हादसे से भी नहीं ले रहे सबक

Jamshedpur : शहर की सड़कों पर रैश ड्राइविंग का नजारा आये दिन देखा जा सकता है. नये-नये मॉडल के आधुनिक कहे जानेवाले बाइक कुछ युवा सड़क पर इस कदर बेतरतीब ढंग से आड़े-तिरछे चलाते हैं कि उनकी जान तो जोखिम में रहती ही है, सड़क पर वाहन लेकर चलनेवाले अन्य लोगों की जान पर भी आफत बनी रहती है.

पता नहीं कब कोई दूसरा वाहन चालक या राहगीर इस रैश ड्राइविंग की चपेट में आ जाये और उसकी जान तक चली जाये, यह कोई नहीं कह सकता. अभी बीते दिनों ही कदमा के उलियान में अनियंत्रित बाइक पोल से टकरा जाने से दो युवकों को जान चली गई थी. इस हादसे को भी कहीं न कहीं रैश ड्राइविंग से ही जोड़कर देखा गया था. बावजूद इसके शहर की सड़कों पर अब बाइक लेकर एक तरह से करतबबाजी दिखानेवालों की संख्या में कमी नहीं आई है. कभी बिष्टुपुर मेन रोड पर तो कभी खरकाई लिंक रोड या सर्किट हाउस एरिया, साकची, मानगो, टेल्को जैसे क्षेत्र में जब-तब रैश ड्राइविंग का नजारा दिखता ही रहता है.

इस मामले में कदमा और सोनारी क्षेत्र के अलावा धतकीडीह से साकची जानेवाले स्ट्रेट माइल रोड खासकर हमेशा चर्चा में रहा है, जबकि सबसे अधिक रैश ड्राइविंग किसी सड़क पर होता है तो वह है कदमा-सोनारी लिंक रोड. यह वही रोड है जिसके बीचो बीच अत्याधुनिक वॉकर ट्रैक बनाया गया है, जहां सुबह-शाम काफी संख्या में लोग टलहने आते हैं. बावजूद इसके इस रोड पर रैश ड्राइविंग कोई नयी बात नहीं है. इससे भले ही बाइक चलानेवाला खुद में मजे का अहसास कर सकता है, लेकिन जिनके आस-पास से आड़े-तिरछे होते हुए बाइक गुजरती है उनकी जान तो थोड़ी देर के लिए हलक में जरुर आ फंसती है.

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अभिभावक भी नहीं हैं कम जिम्मेदार

ऐसे इस तरह के मामलो में अभिभावक भी कम जिम्मेदार नहीं माने जा रहे हैं. सबसे बड़ी समस्या है 14 से 17 साल के किशोर को नये-नये मॉडल के आधुनिक बाइक देना. अक्सर इन मामलों में देखा जाता है कि बच्चों की जिद के आगे अभिभावक झुक जाते हैं और उन्हें नयी बाइक खरीदकर दे देते हैं. उन्हें इस बात की भी परवाह नहीं होती कि बच्चे की अभी उम्र क्या है, उसे जो बाइक दिया जा रहा है वह कितने सीसी का है. यहां तक कि बच्चा बाइक लेकर जा कहां रहा है? कई मामलों में इसकी भी अनदेखी कर दी जाती है. आखिरकार किसी तरह की अनहोनी होने पर इसकी सजा भी अभिभावकों को ही भुगतनी पड़ती है. यहां भी उदाहरण के तौर पर कदमा सड़क हादसे का जिक्र किया जा सकता है. फिर भी सड़क पर नये मॉडल के तेज रफ्तार बाइक लेकर किशोर और युवा वर्ग को तेजी से बेतरतीब ढंग से चलाते देखा जा सकता है. कहने की जरुरत नहीं कि ये तमाम सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर चलते हैं.

पुलिस का अभियान भी अब तक कारगर नहीं

इधर पुलिस गाहे-बगाहे रैश ड्राइविंग के खिलाफ अभियान चलाती रहती है. इसके तहत पूर्व में धतकीडीह-साकची स्ट्रेट माइल रोड पर मोदी पार्क के आस-पास कई मॉडिफाइयिंग बाइक जब्त कर बिष्टुपुर थाना लाया जा चुका है. हालांकि इस तरह का अभियान लगातार नहीं चलने से रैश ड्राइविंग करनेवालों पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है.

नये सिटी एसपी से जगी उम्मीद

इस बीच शहर के नये सिटी एसपी के विजय शंकर से लोगों की उम्मीद जरुर जगी है कि रैश ड्राइविंग करनेवालों पर नकेल कसने की दिशा में भी अभियान चलाया जाएगा. इसकी वजह बीती रात ही सिटी एसपी के खुद सड़क पर उतरकर ट्रैफिक व्यवस्था का जायजा लेना और नियमों का उल्लंघन करने वालों का क्लास लगाना है. अब आगे स्थिति क्या रहती है, इस पर शहर के लोगों की निगाहें हैं.

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