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जमशेदपुर : तीन महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस 32 लाख रुपये और सोने की लूट का नहीं कर सकी उद्भेदन

Jamshedpur : झारखंड का जमशेदपुर शहर क्राइम के किसी ना किसी मामले में हमेशा सुर्खियों में रहता है. दिन-रात की लगातार जद्दोजहद के बावजूद जिला पुलिस को खास कामयाबी हासिल नहीं मिल पा रही है. छोटी-बड़ी आपराधिक घटनाओं को पूर्वी सिंहभूम जिला की पुलिस 24 घंटे से 48 घंटे के भीतर उद्भेदन का भले ही दावा कर ले, लेकिन सच्चाई यह है कि जमशेदपुर में फरवरी माह के दौरान सीरियल लूट कांड के महत्वपूर्ण बड़ी घटनाओं का अब तक जिला पुलिस मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल नहीं कर पाई है. पुलिस अभी भी अपने सूचना तंत्र के माध्यम से उद्भेदन करने के प्रयास में जुटी हुई है. जिसको लेकर कैट के राष्ट्रीय सचिव एवं चैंबर ऑफ कॉमर्स सहित झारखंड का व्यवसायी वर्ग असंतुष्ट दिख रहा है.

बता दें कि फरवरी 2022 में सीरियल लूटकांड की घटना जमशेदपुर में घटित हुई थी जिसमें 14 फरवरी से 18 फरवरी इन 5 दिनों में लूट और डकैती की अन्य घटनाएं भी घटित हुई जिसमें जिला पुलिस मात्र कुछेक घटनाओं का ही उद्भेदन करते हुए घटना में शामिल अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजी. लेकिन जमशेदपुर की दो बड़ी घटनाएं 14 फरवरी को बिस्टुपुर में प्रतिष्ठित स्वर्ण व्यवसाई छगन लाल दयालजी के दो कर्मचारियों से बैंक परिसर में 32 लाख की लूट और 18 फरवरी को साकची थाना अंतर्गत बसंत टॉकीज के समीप 10,00,000 मूल्य के 208 ग्राम सोने की लूट, जिसे दो बाइक सवारों ने पुलिस का जवान होने की बात कह घटना को अंजाम दिया था. इसके अलावा भी पूरे महीने व्यवसायकि प्रतिष्ठानों सहित राहगीरों के साथ लूटकांड की घटना घटित हुई. जिसमें जिला पुलिस इनमे से कुछ घटनाओं का उद्बोधन करते हुए कई अभियुक्तों को जेल का रास्ता दिखाया. बिस्टुपुर और साकची की बड़ी लूट का लगभग 3 महीने बाद भी पुलिस खुलासा नहीं कर पाई है.

वैसे तत्कालिक सिटी एसपी सुभाष चंद्र जाट ने व्यवसायियों के साथ बिष्टुपुर थाना सभागार में बैठक कर उन्हें आश्वासन दिया था कि जल्द ही इसका उद्भेदन करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी. लेकिन 3 महीने बाद भी किसी प्रकार का ना उद्भेदन हुआ और ना ही किसी की गिरफ्तारी हुई.

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इस मामले में कैट के राष्ट्रीय सचिव सुरेश संथालिया और सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यकरणी सदस्य विश्वनाथ शर्मा ने जिले के विधि व्यवस्था और व्यवसायिक सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कहा कि फरवरी माह के बाद भी वर्तमान में भी लगातार लूट, छिनतई, बलात्कार और हत्या की घटनाएं घट रही हैं. यह सिर्फ व्यवसायी वर्ग की ही परेशानी नहीं है बल्कि सरकार की अर्थव्यवस्था को भी चोट पहुंच रही है. उन्होंने कहा कि ऐसी कानून व्यवस्था के कारण ही झारखंड में उद्योगपतियों द्वारा इन्वेस्टमेंट करने से दूरी बना रहे हैं जिस वजह से सिर्फ जमशेदपुर कोल्हान ही नहीं राज्य की अर्थव्यवस्था भी नुकसान में है. ऐसे में राज्य सरकार को कानून व्यवस्था को दुरुस्त करते हुए व्यवसायियों को सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए. तभी राज्य का विकास हो पाएगा.

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वहीं सिटी एसपी विजय शंकर ने कहा कि दोनों मामले की जांच चल रही है, जल्द ही इस मामले के अभियुक्त सलाखों के पीछे होंगे.

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