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#Jamshedpur: 13 लाख रुपये कैश, कई सिम कार्ड्स, 7 पासबुक, 7 पासपोर्ट के साथ साइबर अपराधी गिरफ्तार

Jamshedpur: घटना कुछ दिन पहले की है जब परसुडीह थाना क्षेत्र निवासी नितेश कुमार ने सोशल साइट से कुछ सामान खरीदा और पहचान पत्र के रूप में आधार का डिटेल दे दिया.

इससे साइबर अपराधियों ने फर्जी सिम कार्ड बनवा लिया और उसी के अलग-अलग बैंक एकाउंट से 20 लाख रुपये गायब कर दिये. इसकी लिखित शिकायत नितेश ने बिष्टुपुर साइबर थाने में की.

मामले की जानकारी के बाद पुलिस भी हरकत में आयी और गुप्त सुचना के आधार पर जिला पुलिस ने उलीडीह थाना स्थित शंकोशाई क्षेत्र में एक मकान में छापेमारी कर राहुल कुमार नामक एक साइबर अपराधी को धर दबोचा.

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उसके पास से 7 पासबुक और सात एटीएम समेत कई फर्जी सिम कार्ड और 13 लाख नगद बरामद हुए.

पूछताछ करने पर पता चला उसके साथ और तीन लोग हैं जो इस अपराध में शामिल है. तीनों की गिरप्तारी के लिए पुलिस सघन छापेमारी छापेमारी में जुटी है.

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कैसे हुई साइबर ठगी

नीतेश के मुताबिक राहुल कुमार ने नौकरी दिलाने के नाम पर बैंक खाते खुलवाये. नितेश ने पुलिस को बताया कि वह राहुल से 2019 में मिला था.

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उसी दौरान उसने कहा कि महेश पोद्दार कंप्यूटर पार्ट्स का काम शुरू करना चाहता है. उसके लिए उसे एक साथी की जरूरत है जिसे राहुल 15 हजार रुपये प्रतिमाह सैलरी देगा.

नितेश काम के लिए राजी हो गया और नितेश के पैन कार्ड और आधार कार्ड के जरिए तीन अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाये. साथ में तीन सिम कार्ड्स भी बनवा लिये.

तीनों खाते में नितेश ने अपनी जमा-पूंजी जमा कर दी. राहुल का कहना था कि एक खाते में कपंनी सैलरी देगी दूसरे में पीएफ का पैसा और तीसरे में कंपनी पैट्रोल का पैसा देगी.

सभी पासबुक रखने की जिम्मेवारी राहुल ने अपने साथी महेश को दे दी. राहुल का कहना था कि खातों से कही कोई पैसा निकल न जाये इसीलिए वो सारे पासबुक और एटीएम अपने साथ रखेगा.

कुछ तीन के बाद नितेश को तब झटका लगा जब बैंक से तीन अधिकारी नितेश से मिलने पहुंचे और उसके साथ फर्जीवाडा होने की बात कही.

अधिकारियों के पुछने पर नीतेश ने कहा कि बैंक अकांउट्स के पासबुक उसके पास नहीं है. तब अधिकारियों ने बैंक स्टेटमेंट दिखाते हुए रोज हजारों रुपये के लेनदेन की बात कही.

बैंक अधिकारियों के कहने पर ही नितेश ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज करायी.

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क्या कहती है पुलिस

साइबर थाना प्राभारी उपेंद्र मंडल ने कहा कि गिरोह का सरगना महेश है जो देश-दुनिया के कई लोगों को करोड़ों का चूना लगा चुका है.

जांच में पता चला कि बैंक खातों से हर रोज 50 हजार की हेरा-फेरी चल रही थी और खरीदो-बेचो साइट्स पर और नौकरी के नाम पर लोगों को लालच देकर पैसे ट्रांसफर करने का खेल चल रहा था.

पैसे एटीएम के माध्यम से तुरंत निकाल लिया जाता था. ठगी का मेन सरगना महेश बीते तीन साल से इस तरह का अपराध कर रहा है और पुलिस की गिरफ्त से बाहर है.

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