BusinessJamshedpurJharkhand

Jamshedpur : सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रतिबंध को टालने के लिए चैंबर ने की बैठक, कहा-इससे छोटे-बड़े व्यापार को खतरा

Jamshedpur : झारखंड डिस्पोजेबल एवं पैकिंग मैटेरियल एसोसिएशन के बैनर तले सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के द्वारा साकची में गुरुवार को प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया. जिसमें डिस्पोजेबल संघ तथा चेंबर ऑफ कॉमर्स के तमाम पदाधिकारियों ने 1 जुलाई से होने वाली सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध से उत्पन्न भ्रांतियों एवं संभावित समस्याओं के संदर्भ में केंद्र सरकार और राज्य सरकार के समक्ष व्यापक वैकल्पिक उपायों के साथ ही अन्य परामर्श के विषय में बातचीत की. वहीं निर्माता एवं व्यापारियों द्वारा दिये गये सुझावों के आधार पर इस प्रतिबंध को अविलंब टालने का निवेदन किया.

व्यापारियों का कहना था कि देश भर में मौजूद सिंगल यूज प्लास्टिक की लाखों इकाइयों और लाखों लाख छोटे व बड़े दुकानदार और उन पर आश्रित पच्चीस करोड़ की रोजी रोटी मारी जाने वाली है. देश का एक महत्वपूर्ण संस्थान डीआरडीओ भी इस दिशा में पर्याप्त कार्य कर रहा है. आने वाले साल भर के अंदर नष्ट होने वाली प्लास्टिक के विकल्प भी आने की संभावना दिखायी दे रही है, जबकि साल-दो साल के अंदर प्लास्टिक का विकल्प आने की संभावना है. फिर ऐसे निर्णय से देश को बुरी तरह क्षति पहुंचेगी. साथ ही करोड़ों लोगों की आजीविका के साथ देश के राजस्व को भी क्षति हो सकती है. इसके अलावा बायोडिग्रेडेबल प्रोडक्टस पर बहुत सारे शोध कार्य फिलहाल जारी है, जो जल्द ही सामने आने वाला है. इसलिए संभावित प्रतिबंध को कम से कम इन वैकल्पिक और सुलभ वस्तुओं के उपलब्ध होने तक टाले रखने में कोई हर्ज नहीं दिखायी देता.

इस देशों में 2032 तक प्रतिबंध को टाला गया
अमेरिका सहित बहुत सारे देशों द्वारा इस इस पर प्रतिबंध को चरणबद्ध तरीके से क्रमशः 2032 तक टाला जा चुका है. वर्तमान में फैक्ट्री एवं व्यापारियों पर अरबों रुपये का लोन एनपीए हो जाने की संभावना है. भविष्य में उन्हें नया उद्योग स्थापित करने के लिए कोई भी ऋण नहीं मिल सकेगा. यह निर्माताओं एवं व्यापारियों के सुझाव अनुसार रिसाइकिल उद्योगों एवं वेस्ट मैनेजमेंट उद्योगों को बढ़ावा देना साबित हो सकता है. विभिन्न अध्ययनों के अनुसार पेपर का उपयोग और खतरनाक साबित होगा, क्योंकि प्लास्टिक अगर 300 साल में सड़ती है, तो कागज का उपयोग तो आने वाले 20-30 सालों में ही जंगलों व वनों को खा जायेगा.

Catalyst IAS
ram janam hospital

प्लास्टिक का बेहतर उपयोग कर रही टाटा स्टील
इसके अलावा सिंगल यूज प्लास्टिक से माइक्रोन बढ़ाना एवं उसका सख्ती पूर्वक क्रियान्वयन सबसे बेहतरीन उपाय है. इसको रीसायकल करके इसका उपयोग सड़क निर्माण, कुर्सी बेंच और फर्नेस ऑयल बनाने में उपयोग होना चाहिए, जो कि केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ ही टाटा स्टील पहले से ही सड़क बनाने में इसका सफलता पूर्वक उपयोग कर रही है.

The Royal’s
Sanjeevani
Pushpanjali
Pitambara

ये थे उपस्थित
इस बैठक में रांची से आये संघ के अध्य्क्ष कुणाल विजयवर्गीय, राजीव थेपडा, सुनील गुप्ता, चैंबर के अध्यक्ष विजय मूनका, मानव केडिया, मुकेश मित्तल, अमित अग्रवाल, पवन संघी, संजय मूनका आदि उपस्थित थे.

ये भी पढ़ें- JAMSHEDPUR : रंगदारी के लिए राहुल ने की थी फायरिंग, पुलिस ने भेजा जेल, साथी की तलाश जारी

Related Articles

Back to top button