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Jamshedpur : कोल्‍हान के सबसे बड़े सरकारी अस्‍पताल एमजीएम में बेड पड़े कम, खुद ब‍िस्‍तर का इंतजाम कर रहे मरीज

Jamshedpur : कोल्हान का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल एमजीएम में मरीज इन दिनों बेड की कमी से जूझ रहे हैं. पहले तो मरीज के परिजन मरीज की सुविधा के लिए पंखा और बिस्तर ही लेकर आते थे, लेकिन हालात अब ऐसे हो गए हैं कि मरीज के लिए उनके परिजन पलंग और खटिया खरीद कर लाने लगे हैं. ऐसा ही नजारा बुधवार को इमरजेंसी वार्ड में देखने को मिला. डिमना रोड के दरभंगा डायरी के समीप रहनेवाली आरती नामक महिला अपनी बेटी की तबीयत बिगड़ने पर एमजीएम अस्पताल लेकर सुबह पहुंची थी. वहां मरीजों को जमीन पर लि‍टा कर इलाज होता देख उसे नागवार गुजरा और स्थिति को भांपते हुए उसने तुरंत साकची बाजार जाकर 1600 खर्च कर एक फोल्डिंग बेड लेते आई और ड्रेसिंग रूम के बगल में ही उसे बिछा कर अपनी बेटी को उसपर लि‍टाया.

वहां पर मौजूद डॉक्टर्स और नर्स ने नहीं रोका बल्कि और दो मरीज को उसी बेड पर लि‍टा कर स्‍लाईन चढ़ाने की व्यवस्था की. आरती ने बताया कि और दूसरों की तरह अपनी बेटी को किस तरह जमीन पर लेटा कर इलाज होता देख सकती थी इसलिए  बेटी की सुविधा के लिए  बेड खरीद के लाई है . वैसे अस्पताल में नियमतः इमरजेंसी वार्ड में 10 बेड की ही व्यवस्था है लेकिन धीरे-धीरे प्रबंधन की ओर से उसे 35 बेड की व्यवस्था की गई. दिनों दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ने से 35 बेड भी कम पड़ गया और अब फर्श पर गद्दा बिछाकर मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है. अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यह सरकारी अस्पताल है. यहां आनेवाले हर मरीज का इलाज किसी भी तरह से करना ही पड़ता है. लेकिन किसी मरीज के द्वारा खुद का बेड लाना नियमतः गलत है. इस पर रोक लगाई जाएगी.

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