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#Jamshedpur: स्वच्छ सर्वेक्षण के तीसरे क्वार्टर में बेहतर रैंकिग को लेकर शहर के 4 सफाई संस्थानों में जंग

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Abinash Mishra

Jamshedpur: स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के तीसरे क्वार्टर की तैयारियों को लेकर शहर के चार सफाई संस्थानों के बीच एरिया बंटवारे को लेकर जंग छिड़ गयी है.

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ये जंग झारखंड अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी), मानगों नगर निगम, जुगसलाई नगर परिषद और टाटा की निजी सफाई कंपनी जुस्को के बीच चल रही है. विवाद की जड़ केवल क्षेत्र को लेकर असमंजस है.

चारों में से एक भी संस्थान दूसरे के क्षेत्र से कचरा उठाने को तैयार नहीं. आलम ये है कि कचरा उठाने वाली गाड़ियों ने घरों तक का बंटवारा कर लिया है.

उदाहरण के तौर पर साकची में टाटा के घरों से कचड़ा जुस्को की गाड़ियां उठाती हैं और निजी कॉलोनियों से कचरे का उठाव जेएनएसी करवाता है लेकिन कचरा उठाने वाली गडियां लोगों के साथ क्षेत्र के हिसाब से भेदभाव करती हैं.

अगर जेएनएसी के इलाके में कचरा पड़ा भी है तो जुस्को के सफाईकर्मी अनदेखा कर देते हैं. साकची कॉलोनी के निवासी मुकेशजी कहते हैं कि पहले ऐसा नहीं होता था.

जबसे सर्वेक्षण अभियान के तहत सफाई चल रही है तब से इस अभिय़ान का हवाला देते हुए सफाईकर्मी ये कहने से जरा भी गुरेज नहीं करते कि यहां का कचड़ा उठाना हमारा काम नहीं, ये फलां संस्थान के जिम्मे है, उसके ही लोग आयेंगे.

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इसके चलते तीन चार दिनों तक कचरा घरों में, गलियों में और नालियों में पड़ा सड़ता रहता है.

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संस्थानों की अलग-अलग है दलील

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जेएनएसी के वरीय पदाधिकारी कृष्ण कुमार का कहना है कि हमारा काम अधिसूचित क्षेत्र को साफ रखना है. इसमें टाटा स्टील और टाटा मोटर्स का क्षेत्र शामिल नहीं है.

टाटा के एरिया की सफाई जुस्को के जिम्मे है. लिहाजा वहां हम नही जा सकते. कृष्ण कुमार ने ये भी कहा कि सभी इलाकों में ऐसी समस्या नहीं है लेकिन कुछ इलाकों में इस तरह के असमंजस की शिकायत उनको भी मिली है जिसको दूऱ करने का प्रयास हो रहा है.

मानगो नगर निगम के कार्यपालक अभियंता दीपक सहाय का कहना है कि उनका इलाका काफी बड़ा है. इस अनुपात में सफाई कर्मियों का भी अभाव है. लिहाजा उनकी पहली प्राथमिकता मानगो इलाके की सफाई है जिसमें दिन भर लग जाता है.

जुगसलाई नगर परिषद के वरीय पदाधिकारी विजय यादव का कहना है है कि उनकी सीमा केवल एक लाख लोगों की है और उनका बजट भी काफी छोटा है, लिहाजा सफाईकर्मी चाहकर भी दूसरे इलाकों की सफाई नहीं कर पाते.

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रिपोर्ट का जिम्मा पेरिस की कंपनी को

केंद सरकार की तरफ से पेरिस की कंपनी को सर्वेच्छ रिपोर्ट बना कर सौपने का जिम्मा मिला है. कंपनी की एक टीम के 20 जनवरी तक शहर में आने की संभावना भी है और इसी महीने के आखिर तक भेजी गयी ऑनलाइन रिपोर्ट और जमीनी हकीकत के बीच कंपनी को मिलान करना है.

बता दें कि बीते दो सर्वेक्षण में जमशेदपुर को 4041 शहरों के बीच 15वां स्थान मिला था जिसकी तारीफ टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन भी कर चुके हैं.

लेकिन सवाल ये है कि जिस तरह से शहर में गंदगी पर जंग चल रही है उस हिसाब से अच्छे नतीजों के आसार कम ही लगते है जिसका असर रैंकिग में सुधार पर भी पड़ सकता है.

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