JamshedpurJharkhand

जमशेदपुर : शहीद खुदीराम बोस की प्रतिमा हटाने पर बंगभाषी समाज आंदोलन की राह पर, डीसी से एसडीओ की शिकायत की

विज्ञापन

Jamshedpur : 11 अगस्त को शहीद खुदीराम बोस के शहादत दिवस पर चांडिल चौक से शहीद खुदीराम बोस की प्रतिमा हटाये जाने से आक्रोषित बंगभाषी समाज ने एसडीओ चांडिल और थाना प्रभारी पर देशद्रोह का आरोप लगाया है, जिसकी लिखित शिकायत शुक्रवार को जमशेदपुर डीसी से की गयी है. चांडिल चौक के आसापास के गांव के लोग हर साल बड़े उत्साह के साथ शहीद खुदीराम बोस का शहादत दिवस मनाते हैं.  साथ ही हर साल यहां कार्यक्रम और मेला का आयोजन होता है.

कार्यक्रम से पहले धारा 144 लागू कर दी गयी

इस साल बंगभाषियों ने 9 अगस्त को शहीद खुदीराम बोस की प्रतिमा स्थपित की, जिसकी जानकारी एसडीओ चांडिल और थाना को भी दी गयी.  बंगभाषियों का कहना है कि प्रतिमा का निर्माण अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ.  लेकिन अचानक 11 अगस्त को कार्यक्रम से पहले थारा 144 लागू कर दी गयी. सिर्फ श्रद्धांजलि अर्पित करने की इजाजत दी गयी.. बंगभाषी समाज के साथ ग्रामीणों का कहना है की देऱ शाम प्रतिमा को थाना की मौजूदगी में हटा लिया गया. तब से  समाज आक्रोषित है. बंगभाषी समाज अब आंदोलन की तैयारी में है. इसके लिए बंगभाषियों ने 10 दिनों को अल्टीमेटम दिया है . प्रतिमा न लगने की स्थिति में राज्य भर में बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है.

पहले से ही विवादित है स्थल

बीते दिनों कुड़मी सेना और शहीद खुदीराम बोल स्मारक कमेटी के बीच चांडिल चौक पर स्मारक लगाने को लेकर विवाद हुआ था. तब जिला प्रशासन ने कुड़मी सेना द्वारा राज्य के पूर्व डिप्टी सीएम सुधीर महतो की प्रतिमा लगाये जाने पर रोक लगा दी थी.  विवाद न हो इसीलिए 11  अगस्त को धारा 144 लगा दी गयी और शाम तक  प्रतिमा हटा दी गयी. जिसको लेकर बंग समाज चांडिल एसडीओ और थाना प्रभारी पर मिलीभगत कर  प्रतिमा को हटा लेने का आरोप लगा रहा है

advt

कुड़मी सेना की दलील

कुड़मी सेना चाहती है कि चांडिल चौक पर पूर्व डिप्टी सीएम सुधीर महतो की प्रतिमा लगे.  कुड़मी सेना के अनुसार  सेना और जिला प्रशासन ने मिलकर यह फैसला लिया है. कहा कि  बंगभाषियों का विरोध गलत है

 

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button