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Jamshedpur : मुसाबनी प्रखंड के लेखा सहायक ने की 3.17 लाख की गड़बड़ी, हौसला इतना कि बीडीओ के शो-कॉज के बावजूद निकाला पैसा

Ghatshila : मुसाबनी प्रखंड के कंप्यूटर ऑपरेटर सह लेखा सहायक (मनरेगा) संजय सिन्हा ने गलत तरीके से एक लाख 29 हजार 800 रुपये की निकासी कर ली है. जिस पैसे की निकासी की गयी है, वह मनरेगा मजदूरों की मजदूरी भुगतान का पैसा है. इसके अलावा संजय सिन्हा ने बिरसा हरित ग्राम योजना एवं दीदी बगिया योजना की राशि भी फर्जी तरीके से निकाल ली है. जब इसकी जानकारी बीडीओ सीमा कुमारी को हुई, तो उन्होंने तत्काल कंप्यूटर ऑपरेटर सह लेखा सहायक (मनरेगा) संजय सिन्हा से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन संजय सिन्हा का मन इतना बढ़ा हुआ है कि स्पष्टीकरण पूछे जाने के दिन 18 जुलाई को उसने 1 लाख 87 हजार 415  रुपये की निकासी बिरसा हरित ग्राम योजना एवं दीदी बगिया योजना के मद से की और उसे अन्य योजना में खर्च कर दी. जबकि जिला प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि इस योजना की राशि को किसी दूसरी योजना में खर्च नहीं किया जाना है. लेखा सहायक द्वारा किये गये भुगतान में  न तो पंचायत सचिव के डोंगल (अंकीय हस्ताक्षर) का उपयोग किया गया और न ही मुखिया का. संजय सिन्हा ने प्रखंड विकास पदाधिकारी का डोंगल लगा कर निकासी की है.

यह है मामला
केस 1 – दिनांक 04.07.2022 को राज्य सरकार ने मनरेगा कर्मियों के वेतन भुगतान के लिए प्रशासनिक मद में आवंटन भेजा था. लेकिन लेखा सहायक संजय सिन्हा ने बिना मापी पुस्तिका बगैर उच्च पदाधिकारी को सूचना दिए एक लाख 29 हजार 800 रुपये की निकासी कर ली है. जबकि उक्त आवंटन केवल वेतन भुगतान के लिए दिया गया था और साथ ही सख्त निर्देश भी दिया था कि किसी भी हाल में अन्य मद में खर्च के लिए राशि की निकासी नहीं करनी है. जबकि इसकी खबर प्रखंड विकास पदाधिकारी को हुई, तो उन्होने तत्काल स्पष्टीकरण पूछा.

Sanjeevani

केस 2 – लेखा सहायक संजय सिन्हा ने दिनांक 18.07.2022 जिले के स्पष्ट निर्देश के बानजूद बिरसा हरित ग्राम योजना एवं दीदी बगिया योजना के पौधा,फेंसिंग आदि के भुगतान के लिए उपलब्ध करायी गयी राशि की अन्य योजनाओं नाडेप-पिट, शेड आदि के लिए  निकासी कर ली. लगभग 1 लाख 87 हजार 415 रुपये की निकासी की गयी है, जो नियम के विरुद्ध है. यह तब हुआ, जब जबकि प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा मनरेगा के वेतन मद में गलत तरीके से पैसे की निकासी के लिए लेखा सहायक पर स्पष्टीकरण जारी किया जा चुका था.  इसमें भी संबंधित पंचायत के पंचायत सचिव एवं मुखिया का डोंगल (अंकीय हस्ताक्षर) लगाना था, लेकिन उन्होने प्रखंड विकास पदाधिकारी के डोंगल (अंकीय हस्ताक्षर) का उपयोग किया है.

सरकार से ये आया था आदेश 

सभी जिला / प्रखण्ड

1. दिनांक 18.07.2022 को 12 बजे अपराहन को बिरसा हरित ग्राम योजना एवं दीदी बगिया के तहत सामग्री मद में लंबित दायित्व यथा पौधा, फेंसिंग आदि के भुगतान हेतु राशि उपलब्ध कराई जाएगी । किसी भी परिस्थिति में अन्य योजना में राशि की निकासी न की जाये।

2. दिनांक 19.07.2022 को 12 बजे अपराहन प्रशासनिक मद में राशि उपलब्ध कराई जा रही है। उपलब्ध कराए जा रहे राशि से माह जून 2022 तक के लंबित मानदेय का ही भुगतान करेंगे। (मनरेगा कर्मी एवं लोकपाल ) 2020 – 2021 तक का लंबित Financial Audit Fee । वेतन के अलावा अनुमान्य व्यय।

मुसाबनी ब्लॉक में पदस्थापित आरोपी लेखापाल संजय सिन्हा संविदा पर बहाल हुआ है. प्रखंड कार्यालय से जुड़े कुछ लोगों का कहना है कि रांची में पदस्थापित एक महिला आइएएस अधिकारी के नाम की धौंस जमाकर वह अधिकारियों की भी नहीं सुनता है. चर्चा है कि आइएस बनने के बाद उक्त महिला अधिकारी सीओ के तौर पर मुसाबनी एवं पोटका प्रखंड में कुछ दिनों तक पदस्थापित थीं. संजय सिन्हा की पहचान उनसे तब से है. उसी का वह नाजायज फायदा उठाता है. लेकिन लेखापाल की गलती के कारण फिलहाल तो बीडीओ की गर्दन भी फंसती नजर आ रही है.

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