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जम्मू- कश्मीर : राज्यपाल  ने कहा,  बहुत जल्द सब वापस कर देंगे , अधिकतर स्थानों पर लैंडलाइन टेलिफोन सेवाएं बहाल

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि राज्य में जरूरी वस्तुओं और दवाओं की कोई कमी नहीं है.

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Srinagar : कश्मीर में स्थिति बेहतर होते देख प्रशासन ने अधिकतर स्थानों पर लैंडलाइन टेलिफोन सेवाएं बहाल कर दी हैं. हालांकि लाल चौक और प्रेस एन्क्लेव में सेवाएं अब भी निलंबित हैं. जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि राज्य में जरूरी वस्तुओं और दवाओं की कोई कमी नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि 10 से 15 दिनों के अंदर लोगों का मत बदलता दिखेगा.

अधिकारियों ने जानकारी दी कि  शनिवार से घाटी में कहीं भी किसी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है.  उन्होंने बताया कि स्थिति बेहतर होते देख संचार सेवाओं में ढील दी गयी है. राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा, कश्मीर में जरूरी चीजों और दवाओं की कोई किल्लत नहीं है.  प्रशासन ने अधिकतर स्थानों पर लैंडलाइन टेलिफोन सेवाएं बहाल कर दी हैं.

कहा कि हकीकत यह है कि हमने बकरीद के दौरान लोगों के घरों तक मांस, सब्जी और अंडे पहुंचाये.  10 से 15 दिनों में हमारे बारे में आपका नजरिया बदल जायेगा. राज्यपाल मलिक ने साथ ही कहा, हम चाहते हैं कि इंसानी जान को किसी तरह का नुकसान न हो.  10 दिन टेलिफोन नहीं होंगे, नहीं होंगे लेकिन हम बहुत जल्द सब वापस कर देंगे.

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घाटी में बाजार लगातार 21वें दिन बंद रहे

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अमित शाह को बैठक के दौरान जम्मू कश्मीर में सुरक्षा हालातों की विस्तृत जानकारी दी गयी.

अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर सहित कई जगह शनिवार शाम लैंडलाइन टेलिफोन सेवाएं बहाल कर दी गयी.  कुछ स्थानों को छोड़कर लैंडलाइन सेवाएं पूरी तरह बहाल करने का काम जारी है..  राज्य के प्रधान सचिव एवं सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने शनिवार को कहा कि अन्य आठ एक्सचेंज, जिसके अंतर्गत 5,300 लैंडलाइन सेवाएं आती हैं, सप्ताह के आखिर तक बहाल किये जायेंगे.

बीएसएनएल और अन्य निजी इंटरनेट सेवाओं सहित मोबाइल टेलिफोन सेवाएं और इंटरनेट सेवाएं अभी निलंबित ही हैं.  केन्द्र सरकार ने पांच अगस्त को अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधान हटाने और जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख को दो अलग-अलग केन्द्रशासित प्रदेश बनाने का फैसला किया था, जिसके बाद ये सेवाएं निलंबित कर दी गयी थीं.

कश्मीर घाटी के अधिकतर इलाकों से प्रतिबंध हटा दिये गये हैं लेकिन कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षाकर्मी अब भी वहां तैनात हैं.   घाटी में  बाजार लगातार 21वें दिन बंद रहे, दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी बंद हैं. वहीं, सार्वजनिक वाहन भी सड़कों से गायब रहे.  साप्ताहिक बाजार भी नहीं लगे.  शहर में कुछ जगह फेरीवालों ने दुकानें लगायी.

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