न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
bharat_electronics

जेम्स पी एलिसन और तासुकु होंजो को मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार

कैंसर थेरेपी को लेकर सराहनीय प्रयास के लिए संयुक्त रुप से मिलेगा नोबेल प्राइज

218

NW Desk: मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो गई है. इस बार मेडिसिन में जेम्स पी एलिसन और तासुकु होंजो को संयुक्त रूप से नोबेल पुरस्कार दिया जाएगा. बता दें कि इन दोनों शख्सियत को नेगेटिव इम्यून रेग्यूलेशन के इनहिबिशन के जरिए कैंसर थेरेपी की खोज के लिए इस सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

eidbanner

इसे भी पढ़ेंःपति-पत्नी को छह महीने तक इंतजार की आवश्यकता नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने तलाक मंजूर किया

मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार की इस घोषणा के साथ ही नोबेल प्राइज की घोषणा की शुरूआत हो गई है. मेडिसिन के नोबल पुरस्कार की घोषणा के बाद शांति के नोबल पुरस्कार पर लोगों की निगाह टिकी है. ज्ञात हो कि शांति के नोबल की घोषणा ओस्लो में होगी. हालांकि, इस बार साहित्य का नोबेल पुरस्कार नहीं दिए जाने का फैसला किया गया है. पिछले 70 साल में पहली बार ऐसा है कि साहित्य का नोबेल पुरस्कार नहीं दिया जाएगा.

बहरहाल, नोबेल पुरस्कारों में दिलचस्पी रखने वालों में इस बात पर चर्चा हो रही है कि प्रत्याशियों की बड़ी संख्या को देखते हुए चिकित्सा, भौतिकी, रसायन, शांति और अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार किन लोगों को दिए जाएंगे.

इसे भी पढ़ेंःलखनऊ शूटआउटः सोशल मीडिया पर पोस्टर वायरल, ‘पुलिस वाले अंकल, प्लीज गोली मत मारियेगा’

Related Posts

बंगाल को तरजीह, सांसद अधीर रंजन चौधरी लोकसभा में कांग्रेस के नेता होंगे

अधीर रंजन चौधरी के साथ-साथ केरल के नेता के सुरेश, पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी और तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर इस पद के लिए दौड़ में शामिल थे.

नोबेल पुरस्कार से जुड़ी कुछ जानकारी

-ज्ञात हो कि डायनामाइट के आविष्‍कारक एल्फ्रेड नोबेल की याद में हर वर्ष नोबेल पुरस्कार अवॉर्ड दिया जाता है.

-केवल जीवित लोगों को ही नोबेल पुरस्कार दिया जा सकता है. हालांकि, तीन व्यक्ति ऐसे हैं जिन्हें मरणोपरांत पुरस्कार दिया गया. जिसमें सबसे पहले 1931 में एरिक एक्सल कार्लफेल्ट को साहित्य के लिए, फिर 1961 में डाग हामरशोल्ड को शांति पुरस्कार दिया गया. इन दोनों की मौत नामांकन और पुरस्कार दिए जाने के बीच हुई. वही तीसरी बार 1974 में फिर ऐसा हुआ तो उसके बाद से नियम ही बदल दिया गया था.

– दो बार नोबेल पुरस्कार पाने वाली मैरी क्यूरी एकमात्र महिला हैं.  उन्हें 1903 में रेडियोएक्टिविटी समझने के लिए फिजिक्स में और 1911 में पोलोनियम व रेडियम की खोज करने के लिए केमिस्ट्री में मिला.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

dav_add
You might also like
addionm
%d bloggers like this: