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जल जीवन मिशन: Remote Monitoring System के जरिये जलापूर्ति योजनाओं पर नजर

Ranchi: जल जीवन मिशन (JJM) की गति बनाए रखने और मॉनिटरिंग के लिये पेयजल विभाग ने नयी पहल शुरू की है. इस मिशन के तहत 2024 तक राज्य के सभी ग्रामीणों के घरों तक नल से जल की सुविधा दी जानी है. इसके लिये लगातार विभाग की ओर से टेंडर जारी हो रहे हैं. विभाग ने महसूस किया कि सोलर बेस्ड वाटर सिस्टम के जरिये जलापूर्ति सेवाओं पर नजर रखना भी एक अहम टास्क है. इसके लिये रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम (Remote Monitoring System) का उपयोग शुरू कर दिया गया है.

अभी ट्रायल के तौर पर पहली बार शुरू हुए इस व्यवस्था से जलापूर्ति व्यवस्था संबंधी कामों की निगरानी में सहुलियत मिलने लगी है. इसकी सफलता से उत्साहित विभाग अब इसे और बेहतर करने की तैयारियों में लग गया है.

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इस तरह से हो रहा है काम

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डोरंडा, रांची स्थित PMU में अधिकारियों और टेक्निकल एक्सपर्ट टीम Remote Monitoring System द्वारा हर जिले की पेयजल सेवा पर निगरानी रखी जा रही है. अभी सोलर बेस्ड सिंगल विलेज वाटर स्कीम की मॉनिटरिंग इससे की जाती है. मोटर कब चला, कितनी देर चला, कितना पानी उपलब्ध हुआ, कितनी जलापूर्ति हुई और इससे जुड़े दूसरे पहलुओं पर भी हर दिन निगरानी हो रही है. जैसे ही कोई समस्या दिखती है, तत्काल संबंधित ठेकेदार, एजेंसी और अन्य संबंधित अधिकारियों को सूचना दे दी जाती है.

मतलब अगर वाटर सप्लाई सेवा में कोई कमी है तो किसी ग्रामीण को शिकायत रखने की नौबत नहीं आ रही. इसके अलावे चापाकलों की स्थिति और इससे मिल रही सेवाओं की निगरानी करने में भी मदद मिल रही है.

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जल जीवन मिशन का हाल

राज्य में जल जीवन मिशन के जरिये ग्रामीण परिवारों को घर घर नल से जल कनेक्शन का लाभ दिए जाने पर काम जारी है. जल शक्ति मंत्रालय (केंद्र सरकार) के स्तर से झारखंड सहित देश भर में अगस्त, 2019 से इस पर काम कर रहा है. 2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों को इसका लाभ दिए जाने का टारगेट है. झारखंड में  61.2 लाख परिवारों को इससे फायदा मिलना है. दो साल बीत चुके हैं. अब तक राज्य के 20 फीसदी से अधिक घरों में ही जल जीवन मिशन का लाभ मिल सका है.

SVS (सिंगल विलेज स्कीम) के तहत 60459 सोलर आधारित स्वीकृत स्कीम के जरिये 19.42 लाख घरों में नल से जल की सुविधा उपलब्ध कराने पर कार्य चल रहा है, जिसके अंतर्गत अब तक लगभग 6 लाख घरों को घरेलु कार्यशील नल (FHTC) से आच्छादित किया जा चुका है.

तथा MVS (मल्टी विलेज स्कीम) के तहत लगभग 400 पुराने तथा 195 स्कीम के जरिये क्रमश: 11.99 लाख व 15.38 लाख मिलाकर कुल 27.37 घरों में नल से जल की सेवा प्रदान करने का प्लान है जिसके तहत अबतक लगभग 6.5 लाख घरों में FHTC दिया चुका है.

इसप्रकार सभी प्रकार के स्कीम को मिलाकर अबतक राज्य में कुल 12.5 लाख ग्रामीण परिवारों में प्रतिदिन घरेलु नल से शुद्ध जल की आपूर्ति की जा रही है.

बाकी समस्त घरों में भी FHTC प्रदान करने हेतु राज्य का पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्रुत गति से कार्य कर रही है. साल 2024 तक राज्य के शत प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को FHTC से आच्छादित करने का लक्ष्य है, जिसके अंतर्गत चालू वर्ष 2022-23 में कुल 22 लाख तथा अगले वर्ष अर्थात 2023-24 में शेष 27.61 लाख घरों में नल से शुद्ध जल उपलब्ध कराया जायेगा, जिसके लिए विभाग कृतसंकल्प है.

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