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तीन सालों में एक फीसदी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी नहीं पहुंच सका जल जीवन मिशन

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Ranchi: झारखंड में जल जीवन मिशन कछुआ चाल से चल रहा है. इसके जरिये हर घर को नल के जरिये पानी कनेक्शन उपलब्ध कराना है. 2024 तक इस लक्ष्य को हासिल कर लेना है. पर इस स्कीम का हाल दूसरे राज्यों की तुलना में यहां बेहाल है. खासकर आंगनबाड़ी सेंटर और स्कूलों में पानी कनेक्शन के मामले में. इसके साथ बने राज्यों छत्तीसगढ़, उत्तराखंड इस मामले में उससे कहीं बेहतर रफ्तार से आगे बढ़े हैं.

कई राज्य तो ऐसे भी हैं जहां शत-प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में जल जीवन मिशन का लाभ पहुंच चुका है. पर झारखंड में एक फीसदी लक्ष्य भी पूरा नहीं हो सका है.

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38,432 आंगनबाड़ियों में से 962 केंद्रों में ही अब तक (30 जुलाई, 2021) नल से पानी कनेक्शन मुहैया कराया जा सका है. इसी तरह 41,408 स्कूलों में टेप वाटर कनेक्शन दिया जाना है जिसमें महज 5866 में ही यह सुविधा उपलब्ध हो सकी है.

झारखंड में योजना के हाल को देखते केंद्र (जल शक्ति मंत्रालय) नाराजगी जता चुका है. यहां तक कि स्कीम के तहत जून में झारखंड जो अनुदान मिलना था, उस पर रोक लगा दी.

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क्या है दूसरे राज्यों का हाल

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 558 आंगनबाडी केंद्र हैं जिनमें से सभी में नल से पानी कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है. इसी तरह आंध्र प्रदेश (42,604 केंद्र), दादर नगर हवेली और दमन एवं दीव (342 केंद्र), गोवा (529 केंद्र), गुजरात (42,279 केंद्र), हरियाणा (21,789 केंद्र), तेलंगाना (27,310 केंद्र) उन राज्यों में है जहां शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया जा चुका है. उत्तराखंड में अब तक 20,071 केंद्रों में से 15490 केंद्रों में पानी सुविधा उपलब्ध हो चुकी है.

छत्तीसगढ़ में 46,590 केंद्रों में से लगभग 10,000 सेंटर पर यह लाभ मिल रहा है. इसी तरह से अन्य राज्यों ने उल्लेखनीय परफॉर्मेंश दिखाया है.

स्कूलों में नल जल कनेक्शन के आंकड़ों में भी कई राज्य झारखंड से आगे हैं. केरल (10,877 स्कूल), हिमाचल प्रदेश (17,298 स्कूल), गुजरात (29,754 स्कूल), गोवा (1098 स्कूल), आंध्र प्रदेश (41,572 स्कूल), अंडमान औऱ निकोबार द्वीप समूह (368 स्कूल) उन राज्यों में से हैं जहां सभी स्कूलों में पानी कनेक्शन दिया जा चुका है.

झारखंड के पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में 45,973 स्कूलों में से 17,083 स्कूल, बिहार में 71,323 स्कूलों में से 70,602, ओडिसा में 53997 में से 26,125, पश्चिम बंगाल में 74,109 में 10,580 स्कूलों में नल जल का लाभ मिल रहा है.

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केंद्र जता चुका है नाराजगी

झारखंड को आवंटित राशि (अप्रैल-मई 2021 तक) में से 130 करोड़ से अधिक रुपया योजना पर खर्च करना बाकी है. इसे खर्च करने के बाद ही जल शक्ति मंत्रालय सहायता राशि की अगली किस्त प्रदान करेगा. राज्य में योजना की प्रगति पर मंत्रालय ने नाराजगी भी जतायी है. वित्तीय वर्ष 2021-22 में झारखंड को इस मिशन के अंतर्गत केंद्रीय अनुदान के रूप में लगभग 5200 करोड़ का अनुदान दिया जाना है.

वर्ष 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण घर में 55 लीटर प्रति व्यक्ति पानी रोज उपलब्ध कराना है. फिलहाल, राज्य के 59.23 लाख ग्रामीण घरों में से सिर्फ 8 लाख 10 हजार घरों में ही वाटर टेप कनेक्शन उपलब्ध कराया जा सका है.

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, झारखंड को जल शक्ति मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में हर घर जल योजना के तहत राज्य को 572.24 करोड़ रुपया प्रदान किया था. जानकारी के मुताबिक कोविड-19 संक्रमण की वजह से कार्य प्रभावित होने के कारण उसमें से 435.24 करोड़ रुपये की ही निकासी की जा सकी है.

वर्ष 2022 तक 7.50 लाख घरों में पाइप लाइन से पानी पहुंचाने का टारगेट है. इसके विरुद्ध इस वर्ष अब तक केवल 23 हजार से कुछ अधिक घरों तक ही कनेक्शन दिया जा सका है. राज्य के 32,660 गांवों में से अब तक केवल 315 गांवों को ही हर घर, नल जल गांव घोषित किया गया है.

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क्या कहते हैं पंचायत प्रतिनिधि

किरीबूरु, चक्रधरपुर की मुखिया (कार्यकारी समिति प्रमुख) मालती गगराई के मुताबिक गांव में जलमीनार तैयार है पर आंगनबाड़ी केंद्रों को नल से कनेक्शन नहीं दिया जा सका है.

कोरोना और पिछले दिनों पंचायतों के भंग होने के कारण कार्यों पर असर पड़ा है. बुडू, पेटरवार (बोकारो) के मुखिया अजय सिंह के मुताबिक 5 स्कूल और 7 आंगनबाड़ी में पानी कनेक्शन देने का प्रयास अधूरा है. ठेकेदार पिछले 4 महीने से अपने काम को पूरा करने में लापरवाह दिख रहा. ऐसे में पानी के लिये इन सेंटरों पर परेशानी जारी है.

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