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राफेल पर जेटली का राहुल पर निशानाः ‘बोलने की आजादी’ ‘झूठ बोलने का अधिकार’ नहीं

जेटली ने कहा-अदालत के आदेश को तोड़मरोड़ कर पेश कर रहे हैं राहुल

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New Delhi: वित्त मंत्री अरूण जेटली ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर राजनीतिक दुष्प्रचार के लिए राफेल सौदे को लेकर उच्चतम न्यायालय के आदेश को तोड़-मरोड़कर पेश करने के आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ‘बोलने की स्वतंत्रता का अधिकार’ ‘झूठ बोलने का अधिकार’ नहीं है.

मंत्री उच्चतम न्यायालय के आदेश पर टिप्पणी कर रहे थे, जिसमें कहा गया है कि राफेल मामले में दस अप्रैल को गांधी ने अपने बयान को गलत रूप से उच्चतम न्यायालय का बयान बताया और कांग्रेस अध्यक्ष को 22 अप्रैल तक जवाब देने के लिए कहा.

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कोर्ट के आदेश को तोड़मरोड़ कर पेश कर रहे राहुल

जेटली ने कई ट्वीट कर कहा, ‘‘राहुल गांधी की राजनीति में बोलने की स्वतंत्रता के अधिकार में झूठ की स्वतंत्रता भी शामिल है.’’ जेटली ने कहा, ‘‘भारतीय लोकतंत्र उन्हें (वंशवादियों) को अनुमति नहीं देता है कि अदालत के आदेश को फिर से लिखें… राजनीतिक दुष्प्रचार के लिए अदालत के आदेश को तोड़-मरोड़ कर राहुल गांधी और गर्त में पहुंच गए हैं. वह जीतना नीचे जाएंगे हम उतना ही ऊपर उठेंगे.’’

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उल्लेखनीय है कि भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने उच्चतम न्यायालय में दी गई याचिका में आरोप लगाया कि गांधी ने अपनी निजी टिप्पणी को उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी बताया और पूर्वाग्रह पैदा करने की कोशिश की. कांग्रेस अध्यक्ष ने दस अप्रैल को दावा किया था कि उच्चतम न्यायालय ने भी मान लिया है कि चौकीदार ही चोर है.

ज्ञात हो कि 10 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील पर पुनर्विचार याचिका को ये कहते हुए स्वीकृति दी थी कि जो नये दस्तावेज डोमेन में आये हैं, उनके आधार पर मामले की सुनवाई होनी चाहिए.

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