न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

जैन तीर्थस्थल मधुबन में डोली मजदूरों और बाइक सवार में झड़प, फूंकी बाइक

पुलिस प्रशासन की लापरवाही उजागर

281

Giridih: गिरिडीह जिले में स्थित जैन धर्मावलंबियों के प्रसिद्ध पारसनाथ तीर्थस्थल मधुबन में डोली मजदूरों और बाइक सवार के बीच झगड़ा और तनाव बढ़ता ही जा रहा है. इसी झगड़े में एक बाइक को आग के हवाले कर दिया गया. जिससे बाइक चालकों और डोली मजदूरों में तनाव और बढ़ गया है. घटना पर पुलिस ने तहकीकात शुरू कर दी है.

इसे भी पढ़ेंःप्रधानमंत्री के दावे को गलत साबित कर रहा है सरकार का ही आंकड़ा

कैसे हुई घटना

बताया जा रहा है कि संदीप चौरसिया नामक व्यक्ति अपने किसी रिश्तेदार को लेकर बाइक से पारसनाथ पर्वत की चढ़ाई कर रहा था. तभी क्षेत्रपाल के ऊपर काफी संख्या में डोली मजदूरों ने उसपर हमला बोल दिया. इससे पहले भी मधुबन में यात्रियों को पर्वत वंदना कराने को लेकर डोली मजदूरों और स्थानीय बाइक सवारों के बीच कई बार झड़प हो चुकी है.

प्रतिबंध के बावजूद पर्वत पर बाइकों का संचालन जारी

पारसनाथ पहाड़ पर जैन यात्रियों को मंदिर तक ले जाने और लाने के लिए सैकड़ों की संख्या में डोली मजदूर सालों से यहां कार्यरत हैं. ये सभी स्थानीय आदिवासी समुदाय के लोग है. वजन के हिसाब से ये गरीब मजदूर जैन यात्रियों को डोली पर बैठा कर काफी मेहनत से पर्वत वंदना कराते हैं. इसी से इनकी रोजी-रोटी चलती है. लेकिन कुछ महीनों से इस काम में कुछ स्थानीय युवा बाइक से यात्रियों को पहाड़ पर ऊपर तक ले जाने के काम में जुटे हुए हैं. इसके कारण डोली मजदूरों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा हुआ है.

इसे भी पढ़ेंः‘इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियन सर्विसेस लिमिटेड’ की तेजी से बिगड़ती वित्तीय…

डोली मजदूरों ने इसका विरोध करते हुए पुलिस और प्रशासन को कई बार लिखित शिकायत की. और पारसनाथ पहाड़ पर बाइक के जाने पर रोक लगाने की मांग की. डोली मजदूरों ने संगठित होकर इसका विरोध करना शुरू किया. झारखंड के सीएम ने भी पर्वत पर बाइक के संचालन पर रोक लगाने का आदेश दिया था. लेकिन इसके बावजूद भी पारसनाथ पर मोटरसाइकिल का संचालन नहीं रूका. कुछ दिनों पूर्व ही बाइक संचालकों और डोली मजदूरों के बीच जबरदस्त मारपीट हुई थी. जिसमें दर्जनों घायल हो गए थे.

इसे भी पढ़ेंःRSSऔर सरकार के कार्यक्रम ‘लोकमंथन’ पर खर्च होंगे चार करोड़, व्यवस्था में लगाये गये पांच IAS

पुलिस प्रशासन की लापरवाही से फिर यह घटना सामने आयी है. अगर समय रहते गिरिडीह के अधिकारी इस मसले को हल नहीं करते हैं, तो डोली मजदूरों और बाइक संचालकों का तनाव और भी गंभीर रूप अख्तियार कर सकता है.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: