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जैन तीर्थस्थल मधुबन में डोली मजदूरों और बाइक सवार में झड़प, फूंकी बाइक

पुलिस प्रशासन की लापरवाही उजागर

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Giridih: गिरिडीह जिले में स्थित जैन धर्मावलंबियों के प्रसिद्ध पारसनाथ तीर्थस्थल मधुबन में डोली मजदूरों और बाइक सवार के बीच झगड़ा और तनाव बढ़ता ही जा रहा है. इसी झगड़े में एक बाइक को आग के हवाले कर दिया गया. जिससे बाइक चालकों और डोली मजदूरों में तनाव और बढ़ गया है. घटना पर पुलिस ने तहकीकात शुरू कर दी है.

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कैसे हुई घटना

बताया जा रहा है कि संदीप चौरसिया नामक व्यक्ति अपने किसी रिश्तेदार को लेकर बाइक से पारसनाथ पर्वत की चढ़ाई कर रहा था. तभी क्षेत्रपाल के ऊपर काफी संख्या में डोली मजदूरों ने उसपर हमला बोल दिया. इससे पहले भी मधुबन में यात्रियों को पर्वत वंदना कराने को लेकर डोली मजदूरों और स्थानीय बाइक सवारों के बीच कई बार झड़प हो चुकी है.

प्रतिबंध के बावजूद पर्वत पर बाइकों का संचालन जारी

पारसनाथ पहाड़ पर जैन यात्रियों को मंदिर तक ले जाने और लाने के लिए सैकड़ों की संख्या में डोली मजदूर सालों से यहां कार्यरत हैं. ये सभी स्थानीय आदिवासी समुदाय के लोग है. वजन के हिसाब से ये गरीब मजदूर जैन यात्रियों को डोली पर बैठा कर काफी मेहनत से पर्वत वंदना कराते हैं. इसी से इनकी रोजी-रोटी चलती है. लेकिन कुछ महीनों से इस काम में कुछ स्थानीय युवा बाइक से यात्रियों को पहाड़ पर ऊपर तक ले जाने के काम में जुटे हुए हैं. इसके कारण डोली मजदूरों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा हुआ है.

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डोली मजदूरों ने इसका विरोध करते हुए पुलिस और प्रशासन को कई बार लिखित शिकायत की. और पारसनाथ पहाड़ पर बाइक के जाने पर रोक लगाने की मांग की. डोली मजदूरों ने संगठित होकर इसका विरोध करना शुरू किया. झारखंड के सीएम ने भी पर्वत पर बाइक के संचालन पर रोक लगाने का आदेश दिया था. लेकिन इसके बावजूद भी पारसनाथ पर मोटरसाइकिल का संचालन नहीं रूका. कुछ दिनों पूर्व ही बाइक संचालकों और डोली मजदूरों के बीच जबरदस्त मारपीट हुई थी. जिसमें दर्जनों घायल हो गए थे.

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पुलिस प्रशासन की लापरवाही से फिर यह घटना सामने आयी है. अगर समय रहते गिरिडीह के अधिकारी इस मसले को हल नहीं करते हैं, तो डोली मजदूरों और बाइक संचालकों का तनाव और भी गंभीर रूप अख्तियार कर सकता है.

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