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पारा शिक्षकों का जेल भरो आंदोलन, 12 सितंबर को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में तिंरगा ले कर करेंगे विरोध-प्रदर्शन

Ranchi: 17 जनवरी 2018 को मुख्यमंत्री के साथ पारा शिक्षकों का एक समझौता हुआ. मुख्यमंत्री ने खुद पारा शिक्षकों के स्थायीकरण और वेतनमान देने की बात की. इस समझौते को लगभग डेढ़ साल हो गये, लेकिन अब तक पारा शिक्षकों के हित में राज्य सरकार ने कोई फैसला नहीं सुनाया.

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इसके बाद आक्रोशित पारा शिक्षकों ने गुरुवार को जेल भरो आंदोलन किया. रांची जिला छोड़ सभी जिला के सदर थाना में जेल भरो आंदोलन किया गया. एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा की ओर से राज्य भर में यह आंदोलन किया गया.

इसकी जानकारी देते हुए संघ के अध्यक्ष संजय दुबे ने कहा कि रांची छोड़ सभी जिलों के सदर थाना में पारा शिक्षकों ने अपनी गिरफ्तारी दी. उन्होंने कहा कि पारा शिक्षकों के स्थायीकरण के लिये शिक्षा विभाग में कमेटी भी बनायी गयी.

छत्तीसगढ़, उड़ीसा जैसे राज्यों का कमेटी ने भ्रमण भी किया. शिक्षा मंत्री नीरा यादव इसकी अध्यक्ष हैं. इसके बाद भी स्थायीकरण नियमावली नहीं बन पायी.

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12 सितंबर को प्रधानमंत्री के समक्ष करेंगे तिरंगा मार्च

आगे की रणनीति बताते हुए संजय ने कहा कि स्थायीकरण और वेतनमान को लेकर पारा शिक्षक आक्रोशित हैं. 90 दिनों में स्थायीकरण की रिपोर्ट तैयार करने की बात शिक्षा विभाग और शिक्षा परियोजना की ओर से की गयी. लेकिन 254 दिन बीत गये अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी. उन्होंने कहा कि अब फिर से चरणबद्ध आंदोलन किया जायेगा. 12 सितंबर को प्रधानमंत्री राजधानी आयेंगे. इस दौरान पारा शिक्षक तिरंगा लेकर न्याय मार्च करेंगे. मार्च शांतिपूर्ण रहेगी. लेकिन विरोध जारी रहेगा. इसके बाद 16 सितंबर को जमशेदपुर में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जायेगा.

लगभग 64 हजार पारा शिक्षकों शामिल हुए

इस दौरान राज्य के 23 जिलों के लगभग 64 हजार पारा शिक्षक जेल भरो आंदोलन में शामिल हुए. रांची जिला में प्रमुख प्रदर्शन स्थलों पर जिला प्रशासन की ओर से निषेधाज्ञा जारी है. वहीं आंदोलन के लिए एसडीओ की ओर से अनुमति भी नहीं दी गयी. जिसके बाद पारा शिक्षकों ने अन्य जिलों में आंदोलन किया. रांची जिला में लगभग तीन हजार पारा शिक्षक हैं. जो आंदोलन में शामिल नहीं हुए. वहीं राज्य भर में 67 हजार पारा शिक्षक हैं. संजय दुबे ने कहा कि पारा शिक्षकों के पास अब आंदोलन छोड़ कोई दूसरा विकल्प नहीं है. सरकार के आश्वासन से पारा शिक्षक तंग आ गये हैं.

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