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जगरनाथ महतो के केस की सुनवाई तीन अप्रैल को, नामांकन 16 अप्रैल से, अभी तक उम्मीदवार की घोषणा नहीं

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Ranchi: भले ही जेएमएम इस बात से इत्तेफाक ना रखे कि जगरनाथ महतो का पर चल रहे मुकदमे की वजह से जेएमएम उम्मीदवारों के नाम घोषित करने में देरी कर रहा है. लेकिन लोगों के बीच यह चर्चा आम है. कम से कम गिरिडीह लोकसभा में तो जरूर. बहुत कम लोगों को यह पता होगा कि जगरनाथ महतो पर चल रहे मुकदमे की सुनवाई सोमवार को हाइकोर्ट में थी. सुनवाई के दौरान जज ने अगली सुनवाई की तारीख तीन अप्रैल दे दी है. ऐसे में साफ तौर से कहा जा सकता है कि जेएमएम और जगरनाथ महतो दोनों की बेचैनी एक बार फिर से बढ़ी है. यहां बताना जरूरी है कि गिरिडीह लोकसभा के लिए मतदान 12 मई को होना है. 16 अप्रैल से नामांकन शुरू होगा. 24 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 26 अप्रैल तक नाम वापसी हो सकेगी. अब सवाल यह उठ रहा है कि जेएमएम अब क्या करेगा.

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कब उम्मीदवारों के नाम घोषित करेंगे हेमंत

जगरनाथ महतो के केस की तारीख तीन अप्रैल को पड़ने से सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि हेमंत अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के नाम पर कब मुहर लगाएंगे. आखिर कब यह ऊहापोह की स्थिति खत्म होगी कि जमशेदपुर से कुणाल षाड़ंगी लड़ेंगे या आस्तिक महतो. गिरिडीह से जय प्रकाश भाई पटेल लड़ेंगे, जगरनाथ या फिर मथुरा महतो. चार में से इन्हीं दो सीटों पर जेएमएम को उम्मीदवारों के नाम की घोषणा करनी है. बताया जा रहा है कि पार्टी 26 तारीख के जगरनाथ महतो के केस की सुनवाई का इंतजार कर रही थी. ऐसे में अब कयास लगाया जा रहा है कि कभी भी जेएमएम अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर सकता है.

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 जगरनाथ महतो का अब क्या होगा

रांची हाइकोर्ट ने अगली सुनवाई तीन अप्रैल देने के साथ-साथ तेनुघाट कोर्ट में चल रहे मामले पर अपना स्टे कायम रखा है. तेनुघाट कोर्ट में मामले को लेकर चार्ज फ्रेम हो गया था. जिन धाराओं में चार्ज प्रेम हुआ था, अगर उसपर सजा होती तो सजा की मियाद 10 साल तक थी. लेकिन चार्ज फ्रेम होते ही, गवाही शुरू होने से पहले जगरनाथ महतो ने हाइकोर्ट में अपील कर दी. इससे उनको फायदा भी हुआ. इधर अगर हाइकोर्ट तेनुघाट कोर्ट की सुनवाई से स्टे हटा देता है तो करीब 15 लोगों की गवाही होनी है. इस काम में आराम से एक साल तक लग सकता है. और अगर रांची हाइकोर्ट में ही सुनवाई होती रही तो मामले में और भी समय लग सकता है. दूसरी तरफ हाइकोर्ट की सुनवाई को देखते हुए तेनुघाट कोर्ट ने भी अपनी सुनवाई की तारीख 17 अप्रैल कर दी है.

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