Jamshedpur

जादूगोड़ा : सुरेश मुखी के आश्रित को नौकरी और पांच लाख मुआवजा दे प्रबंधन

Jadugoda : यूसील जादूगोड़ा के डैल कंस्ट्रक्शन में कार्यरत सुरेश मुखी की मौत मामले में रविवार को मुखी समाज विकास समिति और संयुक्त विस्थापित बेरोजगार संघ के सदस्यों ने एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया. संयुक्त विस्थापित बेरोजगार संघ के महासचिव कुशाल सोरेन ने कहा कि यूसील जादूगोड़ा मिल में मेंटेनेंस अस्थायी मजदूर सुरेश मुखी काम की काम के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने पर यूसील प्रबंधन की लापरवाही से मजदूर की अकस्मात मृत्यु हो गयी. यूसील तुरामडीह और बागजाता माइंस में जिस तरह काम के दौरान मजदूर की मृत्यु हुई थी उसी आधार पर सुरेश मुखी के परिजन को अविलंब स्थायी नौकरी और पांच लाख मुआवजा दिया जाना चाहिए. यूसिल अस्पताल में डॉक्टर ने बगैर किसी प्राथमिक उपचार के एमजीएम अस्पताल रेफेर कर दिया था. यूसील अस्पताल के सीएमओ पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गयी. मुख्य समाज विकास समिति के जिला उपाध्यक्ष टिकी मुखी ने कहा कि यूसील प्रबंधन स्थायी मजदूरों को गलत तरीके से शपथ पत्र दिलाकर अपनी जिम्मेदारी स्वयं मैनेजमेंट गरीब लाचार मजदूरों को धमका कर शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कराया जाता है और मजदूरों का शोषण किया जाता है.

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कैंटिन में  नाश्ता के बाद बिगड़ी थी तबियत

सिताडांगा गांव के सुरेश मुखी की यूसील जादूगोड़ा मिल कैंटीन में नास्ता करने के बाद तबीयत बिगड़ गयी थी. उसे इलाज के किये टाटा के एमजीएम अस्पताल भेज दिया गया था जहां इलाज के क्रम में शनिवार को उसकी मौत हो गयी था. प्रेसवार्ता में संयुक्त विस्थापित बेरोजगार संघ के उपाध्यक्ष मंगल सोरेन, महासचिव धर्मु टुडू आदि मौजूद थे.

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