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जैक अध्यक्ष ने बताया कॉपी जांचने के टिप्स ताकि बोर्ड परीक्षा में बच्चे फेल ना हों

उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में न्यायपूर्ण पैरामीटर का सम्वर्द्धन हो: आयुक्त

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Palamu: जैक अध्यक्ष डॉ अरविंद प्रसाद सिंह ने बीसीसी मिशन बालिका विद्यालय के सभाकक्ष में परीक्षा व मूल्यांकन में हो रहे बदलावों की चर्चा करते हुए कहा कि परीक्षकों व प्रधान परीक्षकों को मार्किंग का पुनर्योग करने, रेंडम चेकिंग, ओवर मार्किंग, अंडर मार्किंग, स्टेप मार्किंग एवं पास-फेल के बाउंड्री लाइन पर पाये गये परीक्षार्थी के बारे सावधानी व उदारता पर पूरी तरह सचेष्ट रहना जरूरी है. अगर परीक्षकों के अनदेखी के कारण किसी छात्र को कम अंक मिले और उसका करियर बर्बाद हो यह ठीक बात नहीं है. उन्होंने कहा कभी कभी तो छात्र आत्महत्या तक कर लेते हैं. उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक, परीक्षक के रूप में परीक्षार्थियों के न्यायाधीश होते हैं इसलिए यह सुनिश्चित होना चाहिए कि छात्र कतई न्याय से वंचित न हों, ताकि सिस्टम से उनका भरोसा न उठे. बदलाव के तहत इस बार प्रधान परीक्षक स्वयं कॉपी जांच नहीं करेंगे, बल्कि मूल्यांकन पर बारीक नजर रखेंगे.

आगामी मैट्रिक व इंटर की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गुणवत्ता संवर्द्धन को लेकर स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग और झारखंड अधिविद्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में पलामू प्रमंडलस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.

बेहतर जीवन के लिए छात्रों को हुनरमंद बनायें

मौके पर मुख्य अतिथि आयुक्त श्री झा ने कहा कि जैक द्वारा मूल्यांकन में आठवीं कक्षा से ओआरएम सीट लागू करना अच्छी पहल है. इससे बच्चों को आगे के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी. तकनीकी फायदा उठाने के लिए बच्चों को इसका पूर्व से अभ्यस्त होना जरूरी है. हमारा ध्यान रोजगार उन्मुखी शिक्षा पर होनी चाहिए, जो छात्र-छात्राओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें बेहतर जीवन के लिए तैयार करे. मूल्यांकन में एक ऐसा पैरामीटर जरूर हो जिससे सभी छात्रों के साथ न्याय हो और अन्याय की कोई गुंजाइश न हो.

इसके पूर्व पलामू प्रमंडल के आरडीडीई अरविंद विजय विलुंग ने अतिथियों का स्वागत कर विषय प्रवेश कराते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला. कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से परीक्षकों से मूल्यांकन में निष्पक्षता, नैसर्गिक न्याय, मेधा से समझौता नहीं करना, त्रुटि रहित मूल्यांकन, अनुशासन, समयबद्धता और सकारात्मक नेतृत्व की उम्मीद की जाती है. कहा कि मूल्यांकन बहुत ही नाजुक व गंभीर विषय है. अगर हम बीते हुए पल से सीखना शुरू कर दें तो आने वाला कल निश्चिय ही बेहतर होगा.

बेहतर मूल्यांकन के लिए सुझाव मांगे

कार्यशाला के तकनीकी सत्र में जैक सचिव ने सुरूचिपूर्ण तरीके से मूल्यांकन के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला. इस दौरान उन्होंने प्रधान परीक्षकों से सीधे संवाद किया तथा उनके शंकाओं का समाधान किया. बेहतर व न्यायपूर्ण मूल्यांकन के लिए प्रतिभागियों से सुझाव मांगे तथा जैक द्वारा उठाये कदमों की जानकारी दी. कहा कि हम यह सोचना आरंभ कर दें कि परीक्षा बच्चों की नहीं, बल्कि हमारी है. इस कार्यशाला के माध्यम से हमें एक दिशा व दशा तय करनी है. हमें परफेक्ट मूल्यांकन एवं समय से मूल्यांकन के लक्ष्य को हासिल करना है ताकि छात्रों को परेशानी न हो.

बीसीसी मिशन बालिका विद्यालय के सभाकक्ष में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि पलामू के प्रमंडलीय आयुक्त मनोज कुमार झा, विशिष्ट अतिथि अध्यक्ष झारखंड अधिविद्य परिषद डा. अरविन्द प्रसाद सिंह और सचिव महीप सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. उद्घाटन सत्र का संचालन शिक्षिका श्रीमती सुशीला कुल्लू ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन लातेहार के जिला शिक्षा पदाधिकारी श्रीमती नीरजा कुजूर ने किया.

मौके पर पलामू डीईओ सुशील कुमार एवं गढ़वा डीईओ अभय शंकर मौजूद रहे. कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक मनोज कुमार चैधरी, आलोक कुमार, महेन्द्र प्रसाद, अमरेश कुमार सिंह, मंजूर अली, पृथ्वीराज वर्मा, पंकज कुमार सिंह, परशुराम तिवारी, इग्नेशिया लकड़ा, सिद्धार्थ कुमार, प्रधान लिपिक अनुज कुमार शुक्ला, प्रेम पाठक, राजवल्लभ कुमार व संजय त्रिपाठी ने उल्लेखनीय भूमिका निभायी.

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