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झा.प्र.से. अधिकारी की दो वेतन वृद्धि रोकी गयी

Ranchi: झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी व पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी मंझगांव, प. सिंहभूम सत्य प्रकाश को दंड दिया गया है. उनके दो वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोक दिया गया है. इस संबंध में कार्मिक विभाग ने आदेश जारी कर दिया है. उनके खिलाफ पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त ने चापाकल मरम्मत के नाम पर अनियमितता संबंधी शिकायत पर डीसी द्वारा प्रतिवेदन मांगने पर नहीं देने तथा झारखंड हाइकोर्ट में दायर जनहित याचिका में प्रतिशपथ पत्र दायर करने के लिए अद्यतन प्रतिवेदन सरकार को उपलब्ध नहीं कराने का आरोप था. पूरे मामले पर डीसी ने 2004 में ही प्रपत्र ‘क’ गठित कर आरोप पत्र उपलब्ध कराया था.

इन आरोपों पर विभागीय कार्रवाई 2007 में शुरू की गयी और तत्कालीन आयुक्त कोल्हान प्रमंडल बीके त्रिपाठी को जांच संचालन पदाधिकारी बनाया गया था. जांच रिपोर्ट के बाद कार्मिक विभाग ने झाप्रसे अधिकारी की दो वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक एवं प्रमोशन की देय तिथि से अगले दो वर्ष तक प्रोन्नति पर रोक का दंड दिया था. इसके बाद झाप्रसे अधिकारी अपील अभ्यावेदन किया और पूरा मामला हाइकोर्ट में चला गया. हाइकोर्ट के आदेश के बाद दोबारा इनके उपर विभागीय कार्रवाई चलाई गई और जांच संचालन पदाधिकारी गौरीशंकर मिंज को बनाया गया. मामले की जांच में पूरी तरह से इनपर आरोप प्रमाणित नहीं हुआ, हालांकि जांच रिपोर्ट विलंब से देने की बात सामने आयी. इसके बाद सरकार ने स्पष्टीकरण की प्रक्रिया पूरी करके सिर्फ दो वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोकने का दंड दिया है.

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