न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

जम्मू-कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेश बनाने के लिए संसद से पारित कराना होगा विधेयक  

सरकार को पुनर्गठन  विधेयक पारित करने के लिए साधारण बहुमत की आवश्यकता होगी, जैसा कि आंध्र प्रदेश के विभाजन के समय हुआ था.

103

NewDelhi : जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 को खत्म करने के लिए सरकार को संसद की इजाजत की जरूरत भले ही नहीं थी, लेकिन जम्मू-कश्मीर को दो अलग-अलग केंद्रशासित प्रदेश में बांटने के लिए संसद से पुनर्गठन विधेयक को पास कराना जरूरी होगा. जान लें  कि सरकार को पुनर्गठन  विधेयक पारित करने के लिए साधारण बहुमत की आवश्यकता होगी, जैसा कि आंध्र प्रदेश के विभाजन के समय हुआ था.

भारतीय संविधान का आर्टिकल 370 जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा प्रदान करता है. राज्य को विशेष दर्जा वाला आर्टिकल 370  हटाने की घोषणा की गयी है. जानकारों के अनुसार  गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को संसद में आर्टिकल 370 हटाने को लेकर प्रस्ताव रख चुके हैं. सरकार ने जम्मू-कश्मीर के आदेश, 35ए, 1954 को खत्म करने के लिए एक अधिसूचना जारी की है, जिसके तहत अनुच्छेद 370 को पेश किया गया था.

इसे संविधान आदेश, 2019 के साथ बदल दिया गया है. साथ ही 1954 के प्रावधान को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है. अधिसूचना में कहा गया है कि संविधान के सभी प्रावधान जम्मू-कश्मीर राज्य में लागू होंगे. सरकार ने कहा कि राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 367 में उपबंध 4 जोड़ा है जिसमें चार बदलाव किये गये हैं.

इसे भी पढ़ें : भाजपा  सरकार ने सत्ता के नशे में लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ किया, भारतीय इतिहास का काला दिन : गुलाम नबी आजाद
Related Posts

#DelhiElection: अनुराग ठाकुर के ‘देश के गद्दारों को गोली मारो’ वाले भड़काऊ बयान पर चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट

सीईओ कार्यालय ने अनुराग ठाकुर के रैली प्रकरण पर जिला चुनाव अधिकारी से रिपोर्ट मांगी

जम्मू और कश्मीर  केंद्र शासित प्रदेश होगा

अधिसूचना के अनुसार जम्मू और कश्मीर एक ऐसा केंद्र शासित प्रदेश होगा, जिसके पास विधानसभा भी होगी. दिल्ली की तरह ही जम्मू और कश्मीर की सरकार के सभी संदर्भों को अब राज्यपाल को संबोधित करेंगे. वहीं लद्दाख बिना विधानसभा वाला एक अलग केंद्र शासित प्रदेश होगा. आर्टिकल 370 को राष्ट्रपति की अधिसूचना के माध्यम से हटाया जा रहा है, इसके लिए संसद की सहमति की जरूरत नहीं होगी.

राष्ट्रपति की तरफ से जारी अधिसूचना, आर्टिकल 370 (3) के पहले के प्रावधानों से इसकी वैधता और अधिकार प्राप्त करती है, जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रपति सार्वजनिक अधिसूचना द्वारा कह सकते हैं कि आर्टिकल 370 निष्क्रिय है. लेकिन वही प्रावधान यह भी कहता है कि राज्य विधानसभा की सहमति ऐसे आदेश को पारित करने के लिए जरूरी होगी. हालांकि जम्मू-कश्मीर राज्य बिना किसी राज्य विधानसभा राज्यपाल के अधीन है.

Mayfair 2-1-2020

इसे भी पढ़ें : मोदी सरकार का बड़ा फैसलाः कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

Sport House
SP Jamshedpur 24/01/2020-30/01/2020

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like