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आठवीं और नौवीं बोर्ड परीक्षा में उर्दू और क्षेत्रीय भाषाओं की परीक्षा ओएमआर पर नहीं लेना दुर्भाग्यपूर्ण : आमया

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  • JAC सचिव से मिले आमया के कार्यकर्ता

Ranchi : झारखंड अधिविद्य परिषद् की ओर से आयोजित आठवीं और नौवीं बोर्ड परीक्षा में उर्दू और क्षेत्रीय भाषाओं की परीक्षा ओएमआर के माध्यम से नहीं लेने से कुछ सामाजिक संगठनों में आक्रोश है. इस संबंध में आमया कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जैक सचिव महिप कुमार सिंह से मुलाकता की. कार्यकर्ताओं ने सचिव को बताया कि उर्दू और क्षेत्रीय भाषाओं के भी हजारों छात्र राज्य में हैं. जबकि ओएमआर के माध्यम से परीक्षा नहीं लेना दुर्भाग्यपूर्ण है. पांच विषयों के साथ क्षेत्रीय और उर्दू भाषा को भी परीक्षा में शामिल किया जाना चाहिए.

अलग से ली जायेगी परीक्षा

इस पर झारखंड अधिविद्य परिषद के सचिव महिप कुमार सिंह ने कहा कि उर्दू और क्षेत्रीय भाषाओं के लिए अलग से परीक्षा ली जायेगी. अनिवार्य पांच विषयों जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की परीक्षा ओएमआर शीट पर ली जा चुकी है. वहीं, नौवीं की परीक्षा होनेवाली है. जबकि उर्दू, संस्कृत और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की परीक्षा स्कूलों में आयोजित की जायेगी.

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यह समानता के अधिकार का उल्लंघन है

आमया के केंद्रीय अध्यक्ष एस अली ने इस दौरान सचिव से मांग करते हुए कहा कि आनेवाले साल से पांच विषयों के साथ ही उर्दू, संस्कृत और क्षेत्रीय भाषाओं की परीक्षा ली जाये. उन्होंने कहा कि एक साथ ओएमआर शीट पर परीक्षा नहीं लेना समानता के अधिकार का उल्लंघन है. इसलिए छात्र संख्या के अनुपात में इन विषयों को भी अनिवार्य विषय मानते हुए अगामी परीक्षा ओएमआर शीट पर ली जाये. मौके पर रंजीत उरांव, जियाउद्दीन अंसारी समेत अन्य उपस्थित थे.

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