
Ranchi : सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) को आज की नितांत जरूरत स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरकारी सेवाओं में आईटी के उपयोग पर ज्यादा जोर देने की बात की है. उन्होंने कहा है कि हर सेक्टर में सूचना प्रौद्योगिकी अप्लीकेशंस के इस्तेमाल से कामकाज में तेजी व पारदर्शिता आयी है. ऐसे में आम जनता की सहूलियत के लिए सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं के विकास, विस्तार और उपयोग पर विशेष जोर दिया जाये.
मुख्यमंत्री ने सूचना प्रौद्योगिकी और ई-गवर्नेंस विभाग की समीक्षा बैठक में ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि सभी सरकारी विभागों में ऑफिशियल वेबसाइट का सिक्योरिटी ऑडिट भी कराया जाये. बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, विकास आयुक्त केके खंडेलवाल, सीएम के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का सहित सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा सहित कई अधिकारी उपस्थित थे.
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साइबर क्राइम को कंट्रोल करने के लिए बने मैकेनिज्म
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी विभागों की ऑफिशल वेबसाइट की हैकिंग नहीं हो, इसके लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग कदम उठाये. जरूरी है कि सभी विभागीय वेबसाइट का सिक्योरिटी ऑडिट कराया जाये. विभाग एक ऐसा मैकेनिज्म तैयार करें, जिससे साइबर क्राइम को कंट्रोल किया जा सके. मुख्यमंत्री ने इसके लिए स्ट्रांग सेल बनाने को कहा, जिसमें साइबर एक्सपर्ट्स की पूरी टीम हो.
विभागों का कंप्रिहेंसिव डाटा तैयार किया जाये
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटी सेवाओं को लेकर विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग प्रक्रिया अपनायी जाती है. इससे काफी दिक्कतें आती हैं और एकरूपता नहीं होती है. उन्होंने आईटी डिपार्टमेंट के अधिकारियों से कहा कि सभी विभागों के लिए आईटी से संबंधित सेवाओं और उपकरणों को लेकर कंप्रिहेंसिव डाटा तैयार करें. उन्होंने ग्रीवांस सेल के लिए टॉल फ्री नंबर भी जारी करने को कहा.
विभाग की प्रमुख योजनाएं की सीएम को दी गयी जानकारी
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि विभाग द्वारा झारखंड माय प्रोजेक्ट, भारनेट, ई-प्रोक्योरमेंट, स्टेट डाटा सेंटर, कार्य एवं लेखा प्रबंधन सूचना प्रणाली, यूनिफाइड डाटा रिपोजिटरी सिस्टम, दुमका, आदित्यपुर, देवघर और बोकारो में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क, रांची में एडवांस साइबर फोरेंसिक लैब, आईटी पार्क सहित ई-ट्रायल, ई-झारसेवा, झार एनर्जी, राइट टू गारंटी ऑफ सर्विसेज एक्ट, डिजिटल लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम, इंटीग्रेटेड माइन्स एंड मिनरल्स सिस्टम जैसी कई योजनाएं संचालित हैं. इसके अलावा विभिन्न विभागों की आवश्यकताओं और जनोपयोगी सेवाओं के लिए भी कई आईटी आधारित सेवाएं उपलब्ध करायी गयी हैं.
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