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आइएसएम आइआइटी के निदेशक प्रो. राजीव शेखर होंगे डिमोट

 आगे क्या होगा, दलित प्रोफेसर के उत्पीड़न का मामला

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Dhanbad : आइआइटी कानपुर की बीओजी में आइएसएम आइआइटी के निदेशक प्रो. राजीव शेखर सहित तीन प्रोफेसरों को डिमोट करने और एक प्रोफेसर को चेतावनी देकर छोड़ देने के मामले में क्या तत्काल कार्रवाई होगी या फिलहाल पदों पर पूर्व की स्थिति बनी रहेगी? इस सवाल का जवाब प्रो. राजीव शेखर ने मीडिया से बातचीत में दिया है. लगे आरोप और कार्रवाई पर प्रो.शेखर ने कहा है कि उनसे जब पूछा जाएगा तो वह समुचित जवाब देंगे. ऐसी स्थिति में अगर मानव संसाधन मंत्रालय उनका जवाब जाने बिना कार्रवाई नहीं करे तो वह अपने पद पर यथावत बने रहेंगे. कार्रवाई कैसे होगी, इस पर आइएसएम कैंपस में जोरों की बहस चल रही है. क्या मामले को लेकर आइएसएम का शासी निकाय कोई कदम उठा सकता है इस पर भी चर्चा चल रही है.

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तीन प्रोफेसर होंगे डिमोट

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बता दें कि बुधवार देर रात कानपुर आइआइटी की बीओजी में बड़ा फैसला लिया. दलित प्रोफेसर उत्पीड़न मामले में आइआइटी धनबाद के निदेशक समेत तीन प्रोफेसर को डिमोट करने का फैसला लिया. वहीं, पूर्व में हुई जांच में दोषी पाए गए चार प्रोफेसरों में से एक को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया. मामले में एससी/एसटी कमीशन भी कार्रवाई कर सकता है. कमीशन ने पूर्व में ही इन चारों प्रोफेसरों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने का आदेश दे दिया है.

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दोषी प्रोफेसरों के खिलाफ बड़ा फैसला

आइआइटी के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के दलित प्रोफेसर डॉ. सुब्रमण्यम सडरेला ने दलित उत्पीड़न की शिकायत की थी. कई बीओजी में लंबी बहस के बाद भी कोई फैसला नहीं हो सका. बुधवार देर रात एक बार फिर इसी मुद्दे को लेकर बीओजी के चेयरमैन आरसी भार्गव की अध्यक्षता में बैठक हुई. लंबी चर्चा और हंगामे के बीच चेयरमैन ने दोषी प्रोफेसरों के खिलाफ बड़ा फैसला लिया. आइआइटी धनबाद के निदेशक प्रो. राजीव शेखर, प्रो. सीएस उपाध्याय और प्रो. संजय मित्तल को डिमोट करने की सजा सुनाई है. यह सजा इन तीनों प्रोफेसर को सर्विस रूल्स के उल्लंघन करने पर दी गई है. वहीं चौथे प्रोफेसर ईशान शर्मा को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है. बीओजी के चेयरमैन आरसी भार्गव का गुरुवार को कार्यकाल समाप्त हो गया. माना जा रहा था कि बुधवार को बीओजी में इस मामले में फैसला हो जाएगा.

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जा सकती है प्रो. राजीव शेखर की कुर्सी

आइआइटी कानपुर के वरिष्ठ शिक्षक प्रो. राजीव शेखर वर्तमान में आइआइटी धनबाद के निदेशक हैं. दलित प्रोफेसर उत्पीड़न मामले में बीओजी की कार्रवाई के बाद प्रो. राजीव शेखर को इस पद से हटाया जा सकता है. नियमानुसार कार्रवाई के बाद प्रो. शेखर की योग्यता इस पद के अनुरूप नहीं रह जाएगी. इस मामले में प्रो. राजीव शेखर ने कहा कि अभी तक उन्हें बीओजी में लिए गए फैसले की कोई जानकारी नहीं है. अगर कोई नोटिस आता है या कोई जानकारी मिलती है, तो वे आगे की प्रक्रिया करेंगे. उन्होंने कहा कि सही समय आने पर जरूर बोलूंगा.

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जनवरी से चल रहा है विवाद

जनवरी 2018 में एयरोस्पेस विभाग के पूर्व छात्र डॉ. सडरेला की विभाग में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति हुई. इसके बाद से ही विवाद शुरू हुआ था. आइआइटी धनबाद के निदेशक प्रो. राजीव शेखर, प्रो. सीएस उपाध्याय, प्रो. संजय मित्तल और प्रो. ईशान शर्मा समेत दस से अधिक प्रोफेसरों ने इस नियुक्ति पर सवाल खड़े करते हुए गड़बड़ी का आरोप लगाया.

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जांच में दोषी पाये गये

इन प्रोफेसरों ने निदेशक से इस नियुक्ति की निंदा करते हुए जांच करने की मांग की. इस घटना के कुछ दिन बाद ही डॉ. सडरेला ने इन प्रोफेसरों के खिलाफ जातिगत टिप्पणी करने और उत्पीड़न करने का आरोप लगाया. मामले की गंभीरता को देखते हुए संस्थान के तत्कालीन निदेशक ने इस मामले की जांच एकेटीयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता वाली समिति से कराई. समिति ने इन चारों प्रोफेसरों को दोषी माना. फिर संस्थान की बीओजी (बोर्ड ऑफ गवर्नेंस) ने यह जांच सेवानिवृत्त जज को सौंपी. इस जांच में भी चारों प्रोफेसरों को दोषी बताया गया. इसी मामले को लेकर एससी/एसटी कमीशन भी कई बार संस्थान के निदेशक को तलब कर चुका है.

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कौन हैं ये प्रोफेसर

प्रो. राजीव शेखर

-1982 में आइआइटी कानपुर से मैटलर्जिकल इंजीनियरिंग से बीटेक

-1985 में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया से एमएस (मैटलर्जिकल इंजीनियरिंग)

-1988 में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया से पीएचडी

-आइआइटी कानपुर में मैटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर

-वर्तमान में आइआइटी धनबाद के निदेशक

प्रो. सीएस उपाध्याय

-1991 में आइआइटी खड़गपुर से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग से बीटेक

-1993 में टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी, यूएसए से एमएस

-1997 में टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी, यूएसए से पीएचडी

-आइआइटी कानपुर में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर

प्रो. संजय मित्तल

1988 में आइआइटी कानपुर से एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग से बीटेक

-1990 में यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा, यूएसए से एमएस

-1992 में यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा, यूएसए से पीएचडी

-आइआइटी कानपुर में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर

प्रो. ईशान शर्मा

-1999 में आइआइटी कानपुर से बीटेक

-2004 में कोरनेल यूनिवर्सिटी से पीएचडी

-आइआइटी कानपुर में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर

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