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इस्लामिक स्टेट का अफगानी आतंकी सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़ा, दिल्ली दहलाने की थी साजिश

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NewDelhi : सुरक्षा एजेंसियों द्वारा एक अभूतपूर्व साहसिक काउंटर इंटेलिजेंस ऑपरेशन में इस्लामिक स्टेट की एक बहुत बड़ी साजिश को नाकाम कर दिये जाने की खबर है. बता दें कि इस साजिश के तहत अफगानिस्तान के आत्मघाती हमलावरों ने दिल्ली को दहलाने की खौफनाक साजिश रची थी, जिसे नाकाम कर दिया गया. एक अंग्रेजी अखबार की खबर के अनुसार इस साजिश का नाम आंतकियों ने इंडियन प्लांट रखा था.  साजिश के तहत अफगानिस्तान के दहशतगर्द आईएस के आत्मघाती हमलावर को भारत भेजने और देश की राजधानी में उसके रहने का इंतजाम करने में कामयाब हो गये थे, लेकिन इसकी भनक भारत की सुरक्षा एजेंसियों को लगते ही भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली में सितंबर 2017 में गिरफ्तारी की थी. बता दें कि शीर्ष राजनयिक और इंटेलिजेंस सूत्रों ने अब जाकर इसकी पुष्टि की है.

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आईएस का हमलावर दिल्ली में इंजीनियरिंग छात्र के रूप में रह रहा था

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आईएस का हमलावर दिल्ली में इंजीनियरिंग छात्र के रूप में लाजपत नगर इलाके में रह रहा था. गिरफ्तारी के बाद उसे अफगानिस्तान भेज दिया गया और माना जाता है कि इस समय वह वहीं के प्रमुख अमेरिकी सैन्य बेस में बंद है. खबरों के अनुसार यह  अफगान हमलावर इतना प्रभावशाली था कि उससे पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर हाल में अमेरिकी सुरक्षा बलों ने अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ महत्वपूर्ण कामयाबी हासिल की.

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इस हमलावर से पूछताछ में ऐसे संकेते मिले हैं कि 22 मई, 2007 को यूके के मैनचेस्‍टर अरीना में हुए आत्‍मघाती बम धमाके में इसी आईएस समूह का हाथ था.  इन धमाकों में 23 लोगों की जान गयी थी. सूत्रों के अनुसार, दिल्‍ली में इस आईएस लड़ाके ने जिस तरह के विस्‍फोटकों की मांग की, वैसे ही मैनचेस्‍टर धमाकों में इस्‍तेमाल किये गये थे. जानकारी के अनुसार आईएसआईएस से जुड़े इस आतंकी ने दिल्ली एयरपोर्ट, मॉल्स, बाजारों की रेकी की थी.

आतंकियों का यह नेटवर्क अलग अलग देशों में 12 जगहों पर धमाके करने वाला था

आतंकियों का यह नेटवर्क अलग अलग देशों में 12 जगहों पर धमाके करने वाला था. बता दें कि भारत की सुरक्षा एजेंसियों को इस साजिश को नाकाम करने में काफी मेहनत करनी पड़ी. जानकारी के अनुसार अफगानिस्तान, दुबई और दिल्ली में 18 महीने के सर्विलांस ऑपरेशन के बाद खुफिया दलों को  पता चला कि 12 आईएस ऑपरेटिव के एक दल को पाकिस्तान में ट्रेनिंग के बाद बम धमाकों के लिए भेजा गया है.

सभी अफगानिस्तान के नागरिक हैं और इनकी उम्र 20 साल के आसपास है. उनकी निगरानी के लिए भारत ने 80 अधिकारियों को तैनात किया, ताकि टारगेट कभी नजर से दूर न जा सके.   रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) ने दुबई से अफगानिस्‍तान में 50,000 डॉलर के संदिग्‍ध ट्रांसफर को ट्रैक करना शुरू किया.  अमेरिका से मिली खुफिया सूचनाओं के आधार पर पता चला कि आईएस ने धमाके के लिए नई दिल्‍ली को भी टारगेट बनाया है.

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