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आतंकी कैंप का खर्च उठाती थी आईएसआई , एयर स्ट्राइक में मसूद अजहर के कई रिश्तेदार मारे गये

भारत के द्वारा तैयार डोजियर में दी गयी तसवीरों में इस शिविर में कई जगह अमेरिका, इंग्लैंड और इजराइल के झंडे जमीन पर और सीढ़ियों पर बने दिख रहे हैं.

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NewDelhi :  पाकिस्तान के बालाकोट में 42 फिदायीन हमलावरों का प्रशिक्षण चल रहा था. पुलवामा में आत्मघाती हमले के बाद कश्मीर में नये फिदायीन हमलों की तैयारी चल रही थी, जिनकी देखरेख के लिए आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर ने पांच कमांडरों की टीम गठित कर रखी थी. रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार वायुसेना के लक्षित हमले में वहां रह रहे सभी आतंकी मारे गये हैं. बता दें कि इस संबंध में विदेश मंत्रालय ने  कूटनीतिक कवायद के तहत आतंकी शिविरों के बारे में दस्तावेज (डोजियर) विभिन्न देशों के राजनयिकों के साथ साझा किये हैं. खबरों के अनुसार इन डोजियर में बालाकोट शिविर के बारे में प्रमुखता से जानकारी दी गयी है. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई यहां का खर्च उठाती थी.  यहां के आतंकी कमांडरों से लेकर यहां चल रही कवायद तक की जानकारी डोजियर में दी गयी है. भारत के द्वारा तैयार डोजियर में दी गयी तसवीरों में इस शिविर में कई जगह अमेरिका, इंग्लैंड और इजराइल के झंडे जमीन पर और सीढ़ियों पर बने दिख रहे हैं.

इस शिविर की कमान पांच कमांडरों मौलाना अम्मार (मसूद अजहर का भाई, जो कश्मीर और अफगानिस्तान में आतंकी वारदातों से जुड़ा रहा है), मौलाना तल्हा सैफ (मसूद अजहर का भाई और प्रचार विभाग का प्रमुख), मुफ्ती अजहर खान कश्मीरी (कश्मीर अभियानों का प्रमुख), इब्राहीम अजहर (मौलाना मसूद अजहर का बड़ा भाई), यूसुफ अजहर (मसूद अजहर का साला और प्रशिक्षण केंद्र का प्रमुख) के हाथों मे थी.  इनके अलावा अबु बक्कर, शब्बीर हुसैन, निसार अख्तर, बिलाल अमीर, अब्दुल हफीज, शाहिद इकबाल आदि भी इनमें शामिल थे. बता दें कि आतंकी शिविरों के बारे में खुफिया सूचनाओं के आधार पर भारत सरकार ने डोजियर तैयार किया है.

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भारतीय राजनयिकों ने 45 देशों के मिशनों के साथ संपर्क कर डोजियर साझा किया

पुलवामा हमले के बाद भारतीय राजनयिकों ने 45 देशों के मिशनों के साथ संपर्क कर डोजियर साझा किया है. बालाकोट कस्बे के हिल टॉप जबा टॉप पर जैश ने सबसे बड़ा आतंकी ठिकाना बनाया था, जिसे लक्षित हमले में तबाह किया गया है.  पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ यहां का खर्च उठाती थी. डोजियर का हवाला देते हुए विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि इस शिविर में अन्य एक फिदायीन हमले की तैयारी चल रही थी. बालाकोट प्रशिक्षण केंद्र का संचालन यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी कर रहा था.  वह काफी समय से जैश के साथ काम कर रहा था. बताया गया कि  1999 में कंधार विमान अपहरण के जरिए मसूद भारतीय जेल से छुड़ाने के बाद वह जैश में भर्ती का काम देख रहा था. इस क्रम में मसूद अजहर के बेटे अब्दुल्ला ने भी बालाकोट में ही दिसंबर 2017 में एडवांस ट्रेनिंग ली थी.

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ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वालों में राज्यसभा के पूर्व महासचिव योगेंद्र नारायण, केरल के पूर्व मुख्य सचिव सी वी आनंद बोस, पूर्व राजदूत जी एस अय्यर, पूर्व रॉ प्रमुख संजीव त्रिपाठी, आईटीबीपी के पूर्व महानिदेशक एस के कैन, पूर्व सेना उपप्रमुख एन एस मलिक जैसी कई प्रमुख हस्तियां शामिल हैं.

बालाकोट शिविर में पिछले तीन महीनों में जैश ने 60 आतंकियों को प्रशिक्षित किये जाने की जानकारी मिली है.  सूत्रों के अनुसार पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड अब्दुल रशीद गाजी ने भी बालाकोट में ही ट्रेनिंग ली थी.  यहां छह बड़ी बैरक थीं और इसकी क्षमता बढ़ाने के लिए निर्माण चल रहा था. बालाकोट में 2001 में जैश के सबसे बड़ा सैन्य प्रशिक्षण केंद्र बनाया गया था. यहां कई मदरसे, मसजिद और नियंत्रण कक्ष भी बनाये गये थे.

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SP Jamshedpur 24/01/2020-30/01/2020

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