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क्या चीन भारत में लोगों की जासूसी करवा रहा है ?

New delhi :  पिछले कुछ अरसे से भारत और चीन के बीच सीमा पर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. दोनों ही देशों की सेनाएं एक दूसरे के समक्ष खड़ी है. ऐसे में चीनी खतरे के बारे में एक नया खुलासा हुआ है. खबरें आ रही है कि चीन भारत में लोगो की जासूसी करवा रहा है. प्रधानमंत्री से लेकर केंद्र सरकार के अन्य मंत्री, अफसर और महत्वपूर्ण तक की निगरानी चीनी कंपनियां कर रही है. दुनिया के कई देशों में चीन इस तरह की हरकतें पहले भी कर चुका है इसलिए यह संभावना गलत भी नहीं लगती.

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देश में लगभग दस हजार लोगों की कर रही निगरानी 

चीन की जिस कंपनी के बारे में यह बात कही जा रही है उसका नाम शेनजेन है. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि यह चाइनीज कंपनी भारत में तककरीबन दस हजार लोगों की निगरानी करती है. बताया जाता है कि इस कंपनी का चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से सीधा संबंध है. इसके अलावा झेनझुआ डेटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड का भी नाम सामने आया है. बताय़ा जाता है कि यह कंपनी भी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह-पीयूष गोयल जैसे केंद्रीय मंत्री,  चीफ जस्टिस, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, गांधी परिवार, उद्धव ठाकरे, ममता बनर्जी, नवीन पटनायक जैसे बड़े नेता, CDS बिपिन रावत सहित अन्य लोगों की निगरानी कर रही है.

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हाइब्रिड वार में होगा सूचनाओं का इस्तेमाल

रिपोर्ट में कहा गया है कि कि इन बड़ी हस्तियों के निजी जिंदगी को और उनके काम करने के तरीकों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है. ये लोग, इनके परिजन और समर्थक के कार्यों पर भी नजर रखी जा रही है. अखबार का दावा है कि इस तरह के काम के लिए चीनी कंपनी ने चीनी सरकार और कम्युनिस्ट पार्टी के साथ मिलकर ओवरसीज़ का इन्फॉर्मेशन डाटा बेस बनाया है, जिसके तहत इस मिशन का पूरा काम होता है.  भारत के बड़े और महत्वपूर्ण लोगों के लिए कंपनी की ओर से कलेक्ट किए जा रहे इस सूचना का इस्तेमाल हाइब्रिड वार के लिए किय़ा जाता है.

चीनी कंपनियों की लिस्ट में कुछ बड़े खिलाड़ी, फिल्मी दुनियां से जुड़े लोग, व्यवसायी, धार्मिक गुरू सहित अन्य लोग भी है. ऐसे लोग जिनका भारत में क्राइम का रिकॉर्ड है शामिल है उनकी भी निगरानी की जा रही है. सवाल है कि आखिर चीन किस तरह से इन लोगों से जुड़ी जानकारिय़ों का इस्तेमाल करना चाह रहा है.

भारत कैसे देगा इस चुनौती का जवाब

कुछ दिनों पूर् एक चीनी नागरिक को गिरफ्तार किया गया था. वह व्यक्ति भारत में रहकर हवाला का काम करने के अलावा कई और जानकारियां अपने देश भेजता था. कुछ समय पहले भारत सरकार ने डेटा चोरी और सुरक्षा में खतरे को देखते हुए करीब सौ से अधिक चीनी मोबाइल ऐप पर बैन लगा दिया था. इन पर भी संदेह था कि ये डेटा कलेक्ट करने के काम में जुटी थी.अब देखना होगा कि चीन की तरफ से आ रहे इस तरह की चुनौतियों का जवाब भारत किस तरह से देगा.

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