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भ्रष्‍टाचार के कारण धरातल पर नहीं उतरतीं सिंचाई योजनाएं : जलपुरुष राजेंद्र सिंह

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Palamu : अंतर्राष्ट्रीय रैमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित और जलपुरुष के नाम से पहचान रखने वाले राजेंद्र सिंह शुक्रवार को पलामू पहुंचे. जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में उनका कई संगठनों ने अभिनंदन किया. बाद में दीनदयाल उपाध्याय स्मृति भवन में कुशल जल प्रबंधन की समस्या और समाधान विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया., कार्यक्रम में जलपुरुष ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया.

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राजस्‍थान से झारखंड में  80 प्रतिशत ज्‍यादा वर्षा

मौके पर सिंह ने कहा कि सरकार की सिंचाई और पेयजल समस्याएं में भ्रष्टाचार इस कदर हावी है कि, योजनाएं धरातल पर उतर नहीं पा रही है. भ्रष्टाचार रोकने के लिए सदाचार को अपनाना चाहिए. उन्होंने कहा कि राजस्थान की तुलना में झारखंड में 80 प्रतिशत ज्यादा वर्षा होती है, लेकिन पानी का ठहराव नहीं होने के कारण यहां के लोगों को सुखाड़ और पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है.

लोग अपने-अपने घरों में वर्षा जल संचय की व्यवस्था करें

उन्होंने कहा कि वृक्ष लगाकार पानी की समस्या को रोका जा सकता है. उन्होंने कहा कि गांव के लोग मिलजुल कर छोटे-छोटे चैकडैम, आहर और बांध बनाकर पानी को रोक सकते हैं. सिंह ने कहा कि शहरी क्षेत्र में लोग अपने-अपने घरों में वर्षा जल संचय की व्यवस्था करें, ताकि जलस्तर बना रहे.

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गंगा नदी भी नाली के पानी के कारण प्रदूषित हो रही

जलपुरुष ने कहा कि अभी जो स्थिति, उसमें देश के 13 राज्यों के 327 जिले ड्राइजोन के रूप में चिन्हित हो गये हैं. अभी भी लोग वृक्ष लगाने के प्रति सचेत हो जायें, तो जलस्तर की समस्या पर काबू पाया जा सकता है. उन्होंने शहरवासियों से कोयलनदी की स्मिता को बचाये रखने के लिए आगे बढ़ने की अपील की. कहा कि कोयल नदी आज पूरी तरह प्रदूषित हो चुकी है. जलपुरूष ने कहा कि गंगा मइया की दुर्दशा को देखते ही वे द्रवित हो जाते हैं. सरकार गंगा नदी की सफाई की बात तो कहती है, लेकिन गंगा नदी भी नाली के पानी के कारण प्रदूषित हो रही है.

कई लोगों ने रखें अपने विचार

उन्होंने कहा कि देश के अस्तित्व को बचाना है तो गंगा-जमुना की संस्कृति को बचाये रखना होगा. उन्होंने कहा कि मोदी जी पर पूर्ण विश्वास था कि, गंगा के हालत को सुधारेंगे, परंतु साढ़े चार साल बीतने के बाद भी कोई पहल नहीं की गयी. कार्यक्रम में डिप्टी मेयर मंगल सिंह ने कोयल नदी की स्मिता को बचाये रखने की पहल करने का आश्वासन जलपुरूष को दिया. मौके पर वरिष्ठ पत्रकार मधुकर, गोखुल बसंत,अरूण तिवारी, अधिवक्ता केडी सिंह, युवा जागृति केंद्र के राजन सिन्हा ने भी कुशल जल प्रबंधन पर अपने विचार व्यक्त किए.

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