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IRCTC टेंडर घोटालाः राबड़ी देवी और तेजस्वी को पटियाला हाउस कोर्ट से बेल

New Delhi: भ्रष्टाचार के आरोप का सामना कर रहे लालू परिवार को शुक्रवार को थोड़ी राहत मिली है. दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी और उनके बेटे तेजस्वी यादव को आईआरसीटीसी घोटाला मामले में जमानत दे दी. वही विशेष न्यायाधीश अरूण भारद्वाज ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रसाद के खिलाफ इस मामले में पेशी वारंट जारी किया है.

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एक लाख के निजी मुचलके पर मिली बेल

अदालत ने राबड़ी और तेजस्वी यादव को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के मुचलके पर जमानत दी है. इस मामले की अगली सुनवाई के लिए छह अक्तूबर की तारीख तय की गई है.

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इससे पहले अदालत ने आईआरसीटीसी के दो होटलों के संचालन का ठेका एक निजी फर्म को देने में हुई कथित अनियमितताओं के मामले में लालू के परिवार और अन्य को तलब करते हुए अपने समक्ष पेश होने को कहा था. लालू शुक्रवार को इस मामले में अदालत के समक्ष पेश नहीं हो पाये क्योंकि चारा घोटाला मामले में दोषी पाये जाने के बाद वह फिलहाल रांची के होटवार जेल में बंद हैं.

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क्या है मामला

सीबीआई ने 16 अगस्त को इस मामले में आरोपपत्र दायर करते हुए कहा था कि लालू, राबड़ी, तेजस्वी और अन्य के खिलाफ उसके पास पर्याप्त सबूत हैं. सीबीआई ने इससे पहले अदालत को बताया था कि आईआरसीटीसी के तत्कालीन समूह महाप्रबंधक और रेलवे बोर्ड के मौजूदा अतिरिक्त सदस्य बी के अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए एजेंसी ने समक्ष प्राधिकार से अनुमति ले ली है.

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लालू प्रसाद और उनके परिवार के अलावा आरोप पत्र में पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेम चंद गुप्ता और उनकी पत्नी सरला गुप्ता, बी के अग्रवाल, आईआरसीटीसी के तत्कालीन प्रबंध निदेशक पी के गोयल और आईआरसीटीसी के तत्कालीन निदेशक राकेश सक्सेना का नाम है. इन लोगों के साथ ही आरोप पत्र में आईआरसीटीसी के तत्कालीन समूह महाप्रबंधक वी. के. अस्थाना, आर. के. गोयल और सुजाता होटल के निदेशकों और चाणक्य होटल के मालिकों विजय कोचर और विनय कोचर के नाम भी शामिल हैं.

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ज्ञात हो कि सीबीआई ने पिछले साल जुलाई में मामला दर्ज करते हुए पटना, रांची, भुवनेश्वर और गुड़गांव के 12 स्थानों पर इस संबंध में छापेमारी की थी. केंद्रीय जांच एजेंसी ने बताया था कि इन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.

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