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ईरान :  अहमदी नेजाद फिर से राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ेंगे, नामांकन दाखिल किया 

Tehran :   ईरान के सरकारी टीवी ने बुधवार को खबर दी है कि देश के पूर्व राष्ट्रपति जून में होने वाले इस पद के चुनाव में फिर से किस्मत आज़मा रहे हैं. टीवी पर प्रसारित फुटेज में दिख रहा है कि महमूद अहमदीनेजाद अपने समर्थकों के साथ गृह मंत्रालय में स्थित पंजीकरण केंद्र की ओर बढ़ रहे हैं जहां उन्होंने राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अपना पंजीकरण फॉर्म भरा.

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अहमदीनेजाद ने हाल के वर्षों में अपनी कट्टरपंथी छवि को अधिक मध्यमार्गी उम्मीदवारी में चमकाने की कोशिश की है तथा कुप्रबंधन के लिए सरकार की आलोचना की है. उनपर 2017 में सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली ख़ामेनेई ने राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी. हालांकि उन्होंने तब नामांकन दायर कर दिया था. खामेनेई ने कहा है कि वह किसी भी उम्मीदवार का विरोध नहीं करेंगे, फिर भी चुनाव परिषद अहमदीनेजाद की उम्मीदवारी रोक सकती है.

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अगर राजनीतिक दृश्य में उनकी वापसी होती है तो यह कट्टपंथियों में उन असंतुष्टों के लिए खुशी बात हो सकती है जो पश्चिम, खासकर इज़राइल और अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख चाहते हैं. मौजूदा राष्ट्रपति हसन रूहानी कार्यकाल की सीमा की वजह से फिर से चुनाव नहीं लड़ सकते हैं.

 

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तेहरान, 12 मई (एपी) ईरान के सरकारी टीवी ने बुधवार को खबर दी है कि देश के पूर्व राष्ट्रपति जून में होने वाले इस पद के चुनाव में फिर से किस्मत आज़मा रहे हैं. टीवी पर प्रसारित फुटेज में दिख रहा है कि महमूद अहमदीनेजाद अपने समर्थकों के साथ गृह मंत्रालय में स्थित पंजीकरण केंद्र की ओर बढ़ रहे हैं जहां उन्होंने राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अपना पंजीकरण फॉर्म भरा.

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अहमदीनेजाद ने हाल के वर्षों में अपनी कट्टरपंथी छवि को अधिक मध्यमार्गी उम्मीदवारी में चमकाने की कोशिश की है तथा कुप्रबंधन के लिए सरकार की आलोचना की है. उनपर 2017 में सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली ख़ामेनेई ने राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी. हालांकि उन्होंने तब नामांकन दायर कर दिया था.

 

खामेनेई ने कहा है कि वह किसी भी उम्मीदवार का विरोध नहीं करेंगे, फिर भी चुनाव परिषद अहमदीनेजाद की उम्मीदवारी रोक सकती है. अगर राजनीतिक दृश्य में उनकी वापसी होती है तो यह कट्टपंथियों में उन असंतुष्टों के लिए खुशी बात हो सकती है जो पश्चिम, खासकर इज़राइल और अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख चाहते हैं. मौजूदा राष्ट्रपति हसन रूहानी कार्यकाल की सीमा की वजह से फिर से चुनाव नहीं लड़ सकते हैं.

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