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जांच टीम ने ऐश पौंड टूटने की रिपोर्ट बोर्ड को सौंपी, DVC को एक करोड़ रुपया मुआवजा देने का आदेश

Bermo: बोकारो थर्मल के डीवीसी ऐश पौंड टूटने और पर्यावरण को हुए नुकसान को लेकर प्रदूषण जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. गौरतलब है कि नूरी नगर स्थित डीवीसी का एक नंबर ऐश पौंड 12 सितंबर की रात टूट गया था.

इस घटना से पर्यावरण को होने वाले नुकसान एवं कोनार तथा दामोदर नदी के जल प्रदूषण को लेकर 13 सितंबर को रांची एवं धनबाद से आयी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पांच सदस्यों की टीम ने मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट रांची में बोर्ड को सौंप दी है.

डीवीसी देगा एक करोड़ का मुआवजा

जांच कमिटी के द्वारा सौंपी गयी रिपोर्ट के आधार पर झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने डीवीसी बोकारो थर्मल प्रबंधन को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है.

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ऐश पौंड के टूटने तथा उससे कोनार एवं दामोदर नदी के पानी को प्रदूषित करने का मामला सामने आने के बाद जांचोपरांत कार्रवाई की गयी है.

झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की ओर से तत्काल पर्यावरण राहत के लिए एक करोड़ का भुगतान डीवीसी बोकारो थर्मल प्रबंधन को करने को कहा गया है.

उल्लेखनीय है कि पर्षद के रांची के प्रदूषण अभियंता डीपी सिंह के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम ने बोकारो थर्मल के टूटे हुए एक नंबर ऐश पौंड की जांच 13 सिंतबर को की थी.

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प्रदूषण नियंत्रण की टीम ने जांच में पाया कि डीवीसी के एक नंबर पौंड के टूटने तथा उससे बहने वाली हजारो टन राख से पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचा है,जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती है.

जल प्रदूषण अधिनियम की धाराओं प्राथमिकी दर्ज

पर्षद की तरफ से बोकारो थर्मल डीवीसी प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है. साथ ही प्रबंधन पर जल प्रदूषण अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई एवं प्राथमिकी दर्ज करने का भी आदेश दिया गया है.

विदित हो कि 12 सितंबर की रात्रि को डीवीसी का स्थानीय एक नंबर पौंड लगभग 50 मीटर तक टूट गया था. पौंड के टूटने से हजारों टन राख युक्त गंदा पानी पौंड के निचले हिस्से में स्थित किसानों के धान की फसल को बर्बाद कर दिया था. साथ ही सीसीएल के कारो स्पेशल फेज दो स्थित सरकारी सामुदायिक अस्पताल की दो तरफ की चाहरदीवारी टूट गयी और पूरे अस्पताल के सभी कमरों में पांच फीट राख भर गया था.

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पौंड के टूटने से सीसीएल की कॉलोनी को पानी सप्लाई करनेवाला पंप हाऊस भी क्षतिग्रस्त हो गया था. पौंड के बाढ़ से निशन हाट स्थित झोपड़ कॉलोनी एवं डीवीसी के एचएमटी कॉलोनी में भारी तबाही मची थी. पौंड से निकला राख युक्त गंदा पानी कोनार एवं दामोदर नदी में जाकर नदी के जल को प्रदूषित कर दिया था.

 मंत्री सरयू राय ने कार्रवाई के लिए लिखा था पत्र

इस पूरे मामले को लेकर दामोदर बचाओ आंदोलन के संरक्षक तथा सूबे के मंत्री सरयू राय ने झारखंड सरकार के वन,पर्यावरण एवं जलवायु नियंत्रण विभाग के सचिव को कार्रवाई एवं जांच के लिए 12 सितंबर को ही लिखा था.

उन्होंने लिखा था कि बोकारो थर्मल पावर प्लांट का ऐश पौंड टूटने से हजारों टन राख दामोदर नदी में प्रवाहित कर दी गई है. यह आपदा मानव निर्मित है.

उपायक्त बोकारो एवं अनुमंडलाधिकारी बेरमो से मामले की जांच करायें. तथा जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम-1974 के प्रासंगिक प्रावधान के तहत डीवीसी प्रबंधन और ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराये.

जांच को आयी थी टीम

मामले की जांच के लिए 13 सिंतबर को राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय धनबाद एवं रांची से पांच सदस्यों की टीम बोकारो थर्मल आयी थी.प्रदूषण बोर्ड की टीम में प्रदूषण अभियंता डीपी सिंह,धनबाद के क्षेत्रीय अभियंता आरएन चौधरी,आशुतोष और आनंद शामिल थे.

टीम ने नूरीनगर स्थित पौंड पर जाकर मामले की जांच की थी तथा डीवीसी सिविल के अधिकारियों से पौंड टूटने मामले को लेकर पूछताछ करते हुए वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी भी की थी.

बाद में टीम के सदस्यों में से डीपी सिंह ने कहा था कि ऐश पौंड की जो वर्तमान स्थिति है उसमें पर्यावरण के मानकों का उल्लंघन हुआ है. कहा कि वर्तमान में प्रदूषण नियंत्रण के मानक पहले से कहीं ज्यादा कठोर हैं.

स्पष्ट दिख रहा है कि पौंड के टूटने के बाद राख युक्त गंदे पानी से कोनार एवं दामोदर नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है. कहा कि मामले में बोर्ड के द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है.

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