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झारखंड पुलिस का इंटेलिजेंस फेल : 3 महीने से किराए पर चल रहे मिनीगन फैक्ट्री की भनक तक नहीं लगी, कोलकाता एसटीएफ ने किया खुलासा

Chandi Dutta Jha

Ranchi : कोलकाता एसटीएफ ने झारखंड के दुमका में स्थानीय पुलिस की मदद से शनिवार को मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा करते हुए एक महिला सहित छः लोगों को गिरफ्तार किया. छापेमारी में 50 अर्द्धनिर्मित पिस्तौल, छह लेद मशीन और भारी मात्रा में हथियार बनाने वाली सामग्री बरामद हुई. करीब तीन महीना से यहां अवैध हथियार के निर्माण का कार्य चल रहा था. लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी. इस घटना ने पुलिस के खुफिया तंत्र पर भी सवाल खड़े कर दिये हैं. पुलिस के पास प्रत्येक जिले में खुफिया तंत्र होता है. जिसमें एसबी (स्पेशल ब्रांच), डीएसपी के सरकारी महकमे के अलावा मुखबिर तंत्र होता है. एसबी-डीएसबी महकमा सिर्फ यही काम देखता है कि कहां, क्या गलत हो रहा है और घटना के पहले ही इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाता है. इसके अलावा हर वरिष्ठ अधिकारी का अलग-अलग मुखबिर तंत्र होता है. पुलिस के मुखबिर आम आदमी के बीच से कोई भी हो सकता है. जो अपने आसपास नजर रखकर अपने विश्वासपात्र अधिकारी को जरूरी सूचना पहुंचाता है. बदले में उसे पुलिस अधिकारी से इनाम भी मिलता है. मुखबिर का नाम गोपनीय होता है. जानकार बताते हैं कि मुखबिरों के लिए पुलिस के पास लाखों रुपए साल का बजट भी होता है.  सवाल उठता है क्या तीन माह से चल रहे इस अवैध मिनी गन फैक्ट्री की सूचना पुलिस तक नहीं पहुंचा सका. अगर पहुंचा तो कार्रवाई क्यो नहीं की गयी.

 

बिहार एसटीएफ के ज्वाइंट ऑपरेशन में मिनीगन फैक्ट्री का हुआ खुलासा

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छः माह पूर्व ज्वाइंट ऑपरेशन के तहत बिहार एसटीएफ और झारखंड पुलिस की टीम ने दुमका जिले के शिकारपाड़ा थाना के तहत पटवारी गांव में मिनीगन फैक्ट्री का उद्भेदन किया था. बिहार एसटीएफ को इसकी सूचना मिली थी कि काफी समय से पटवारी गांव में अवैध रूप से हथियार बनाने के काम चल रहा था. चोरी-छिपे चल रहे इस फैक्ट्री में लंबे समय से कंट्री मेड पिस्टल बनाए जा रहे थे. इसके बाद बिहार एसटीएफ की टीम ज्वाइंट ऑपरेशन कर इसका उद्भेदन किया. 4 लोग मुंगेर के कोतवाली थाना क्षेत्र के अरुण कुमार, मुंगेर के ही वासुदेव थाना क्षेत्र के मो. मय्यसर, लखीसराय के हलसी निवासी नीलेश और रंगहिर को गिरफ्तार किया गया है. मौके पर 24 पीस 7.65.mm की बनी हुई सेमी फिनिश्ड पिस्टल, मशीन और कटर मशीन एक-एक, मिलिंग और डील मशीन एक-एक, 2 मोटरसाइकिल, 1 स्कूटी, बोरिंग मशीन 2, एक लेंथ मशीन, 12 पिस्टल बडी, पिस्टल ग्रिप 10 पीस, 18 पिस्टम बैरल, 12 पिस्टल बॉडी, पिस्टल स्लाइड 24 पीस, 60 हजार रुपया कैश और 4 पीस मोबाइल बरामद किया गया था.

 

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हथियार तस्कर की निशानदेही पर गिरिडीह में मिनीगन फैक्ट्री का खुलासा

बीते साल सितंबर मे गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड के घांघरी में पश्चिम बंगाल की पुलिस ने छापेमारी कर मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था. पुलिस मौके से बड़ी संख्या में हथियार, हथियार बनाने की मशीन और पार्ट्स जब्त किया था. 23 सितंबर 2021 को तस्कर को बराकर में हथियार के साथ पकड़ा था. पुलिस को पूछताछ में बताया था कि जब्त हथियारों का निर्माण गिरिडीह जिले के बगोदर में किया जाता है. इसके बाद बंगाल पुलिस स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी की.

 

थाना से आधा किलोमीटर की दूरी पर चल रहा था मिनीगन फैक्ट्री

नवम्बर 2021 में हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के सात माइल मोड़ के पास स्थित एक घर में चल रहे मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन किया गया. पुलिस घटनास्थल से देशी बंदूक, देसी कट्टा व हथियार बनाने का उपकरण बरामदगी के साथ साथ दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया. यह छापेमारी बिहार एसटीएफ की टीम के मिले इनपुट पर की गयी थी. जिसमें 52 सेमी पिस्टल, 39 पिस्टल बट, दो मोटरसाइकिल, लेथ मशीन, ड्रिल मशीन, जेनरेटर, मिलिंग मशीन व कई उपकरण बरामद किये गये.

 

पुलिस रिमांड पर आरोपी ने किया खुलासा, हुआ मिनीगन फैक्ट्री का उद्भेदन

मई 2020 में कोलकाता एसटीएफ की टीम ने कुल्टी नियामतपुर के नूर नगर में छापेमारी कर मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए इसरार अहमद, आरिफ, सूरज कुमार साव, उमेश कुमार वर्मा और अरुण कुमार वर्मा को गिरफ्तार किया गया. 19 फरवरी 2020 को कोलकाता पुलिस के गिरफ्तार में आये शौकत अंसारी नामक तस्कर कोलकाता में एसटीएफ रिमांड पर लिया तो नियामतपुर में पिस्टल बनाने का भेद खोला. छापेमारी में 350 निर्मित व अर्द्धनिर्मित 7 एमएम पिस्टल के अलावा कई लेथ मशीन, हेक्सा ब्लेड, रॉड और अन्य सामान बरामद किए गए.

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