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मंत्री अमर बाउरी का निर्देश- दाखिल खारिज के लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करें अधिकारी, ऑनलाइन जारी करें रसीद

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Ranchi : राजस्व, निबंधन  एवं भूमि सुधार मंत्री अमर कुमार बाउरी ने सभी जिलों के अपर समहर्ताओं और विभाग के अधिकारियों के साथ शुक्रवार को समीक्षा बैठक की. इस बैठक में राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा की गयी. सभी अधिकारियों के साथ हुए विस्तृत विचार-विमर्श के बाद मंत्री ने निर्देश दिया कि मंत्रीपरिषद द्वारा लिये गये निर्णय के आलोक में जब तक जमाबंदी रद्द करने की कार्रवाई पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जाता है, तब तक के लिए ऑनलाइन रसीद निर्गत की जाये. सभी उपायुक्त यदि आवश्यकता समझते हों, तो सर्वे का प्रस्ताव औचित्य के साथ विभाग को उपलब्ध करायेंगे. दाखिल खारिज के लंबित मामलों का निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र सुनिश्चित करें, परंतु शीघ्र निष्पादन के लिए बिना कारण आवदेन को रद्द नहीं किया जायेगा. जानबूझकर बिना किसी ठोस कारण के अस्वीकृत करनेवाले पदाधिकारी एवं कर्मचारी को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाये.

एनआईसी सॉफ्टवेयर में करें संशोधन

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एनआईसी सॉफ्टवेयर में इस प्रकार का संशोधन करें कि सीओ द्वारा म्यूटेशन को रिजेक्ट करने पर इसकी सूचना स्वतः डीसीएलआर के लॉगइन में चली जाये तथा आवेदक को भी इसकी सूचना एसएमएस या ई-मेल से प्राप्त हो जाये. यह भी संशोधन करें कि जब तक लिस्ट ऑफ डॉक्यूमेंट्स अपलोड नहीं की जायेगी, तब तक म्यूटेशन आवेदन सबमिट नहीं हो सके. सभी अंचल अधिकारी प्रत्येक सप्ताह म्यूटेशन के निष्पादित मामलों यथा कितने मामले स्वीकृत किये गये और कितने मामले अस्वीकृत किये गये, इसकी सूची अंचल कार्यालय में या संबंधित हल्का कार्यालय में प्रदर्शित करें. मंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि अब तक कितने सुयोग्य व्यक्तियों को भूमि की बंदोबस्ती की गयी है, उसकी सूची जिलावार विभाग को उपलब्ध कराया जाये.

पांच साल से अधिक समय से पदस्थापित राजस्व निरीक्षकों का करें तबादला

मंत्री अमर बाउरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पांच वर्ष से अधिक समय से पदस्थापित राजस्व निरीक्षकों का स्थानांतरण किया जाये. सभी पदाधिकारी, कर्मचारी अपने मुख्यालय में रहना सुनिश्चित करें. कंप्यूटर ऑपरेटर का भी हमेशा स्थान परिवर्तित करते रहें. एनआईसी यह सुनिश्चित करेगा कि जिन जिलों से भी मामला उनके समक्ष भेजा जाता है, उसका निष्पादन तीन दिनों में करे. उन्होंने कहा कि निदेशक, भू-अर्जन एवं भू अभिलेख तथा परिमाप एक एसओपी तैयार करें, जिसमें निबंधन से लेकर म्यूटेशन की स्वीकृति और अस्वीकृति और डीसीएलआर के लॉगइन में स्वतः अस्वीकृत मामले चले जायें.

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