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बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओः महिला पर्यवेक्षिकाओं को मिला आवेदन लेने का निर्देश

गिरिडीह में डीडीसी अध्यक्षता में योजना को लेकर कार्यशाला आयोजित

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Giridih: बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन मंगलवार को जिला परिषद सभागार गिरिडीह में किया गया. प्रभारी उपायुक्त सह डीडीसी मुकुंद दास की अध्यक्षता में इसका आयोजन हुआ. मौके पर उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है. इस योजना से बेटियों को समाज की मुख्यधारा में लाकर उनके विकास के लिए कार्य किया जाना है. कहा इसी गतिविधि के तहत राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री सुकन्या योजना की शुरुआत की गई है. इस योजना के तहत बालिका शिक्षा को भी बढ़ावा देना है. कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा पर जोर और बाल विवाह प्रथा का अंत है. इस योजना से सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 के अनुसार जिले के वैसे लाभुक जिनका नाम अंत्योदय राशन कार्ड में दर्ज है, तो उस परिवार की बच्ची को कक्षा एक में नामांकन करने पर 5000 रुपये, कक्षा 5 में उत्तीर्ण होने पर 5000 रुपये, कक्षा 8 में उतीर्ण होने पर 5000 रुपये, कक्षा 10 में उत्तीर्ण होने पर 5000 रुपये का प्रोत्साहन राशि दिया जायेगा. कहा कि 18 से 20 वर्ष की उम्र होने पर उन्हें 10000 रुपये का प्रोत्साहन राशि दिया जायेगा. कहा कि इस योजना में 2 वर्ष से लेकर 20 वर्ष तक की बालिका को शामिल किया गया है. इसके लिए जिले के सभी बाल विकास परियोजना क्षेत्र में महिला पर्यवेक्षिका को संबंधित क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों से आवेदन जमा लेने का निर्देश दिया गया है. इस योजना से स्कूलों में बालिकाओं का ड्रॉप आउट की स्थिति पर भी नियंत्रण लगाना है. कार्यशाला का उद्घाटन डीडीसी मुकुंद दास ने किया.

कम उम्र में विवाह नहीं करना चाहतीं बालिकाएं

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी पम्मी सिन्हा ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत मुख्यमंत्री सुकन्या योजना गरीबों तक पहुंचाना है. इस योजना से स्कूलों में ड्राप आउट की स्थिति को नियंत्रित करना है. इसके अलावे बाल अधिकार को धरातल पर उतारना है. कहा कि गांव में काफी तेजी से बालिकाओं में बदलाव आ रहा है. बालिकाएं 18 से कम उम्र में शादी नहीं करना चाहती हैं. लेकिन उसके अभिभावक उनकी शादी कम उम्र में कर देते हैं. इससे उसका मानसिक और शारीरिक विकास अवरुद्ध हो जाता है और वह बहुत जल्दी बीमारी के शिकार हो जाती हैं. उन्होंने इसके लिए सभी महिला पर्यवेक्षिका को सक्रियता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया. कहा कि यदि स्कूल भेजने से अभिभावक कतराते हैं तो ऐसे लोगों के साथ बैठकर कॉउंसिलिंग कर उन बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें. जो बच्ची पढ़ना चाहती है तो उन्हें सहयोग करें. वैसे लोगों से संपर्क स्थापित कर उन्हें स्कूल से जोड़ना है ताकि इस उद्देश्य को पूरा किया जा सके.

योजना में आनेवाली समस्याओं पर हुई चर्चा

वकताओं ने सुकन्या योजना में आने वाली समस्याओं से अवगत कराते हुए कहा कि इस योजना में बच्चियों की शिक्षा के लिए संबंधित विद्यालयों से प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है. इसके लिए शिक्षकों को योजना की पूरी जानकारी देना आवश्यक है. शिक्षक इसमें जब तक सक्रियता नहीं दिखायेंगे निर्धारित समय पर बच्चों का आवेदन नहीं भरा जा सकेगा.

कार्यक्रम में ये लोग थे मौजूद

कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी पम्मी सिन्हा, जिला शिक्षा अधीक्षक कमला सिंह, सीडीपीओ सुमन गुप्ता, विमला कुमारी समेत जिले के सभी परियोजना की सीडीपीओ, बीईईओ, महिला पर्यवेक्षिका और शिक्षक के अलावे जिले के विभिन्न प्रखंडों से आयी सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिका, प्रखंडों के प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, शिक्षक आदि मौजूद थे.

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