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बंद होंगे बगैर निबंधन के संचालित हो रहे दिव्यांगजनों के संस्थान

राज्य भर में कई फर्जी संस्थानों पर चल सकता है सरकार का डंडा

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Ranchi : झारखंड में बगैर निबंधन के दिव्यांगजनों के लिए किसी तरह का संस्थान चलाने पर अब अंकुश लगेगा. राज्य सरकार की तरफ से राज्य में चल रहे फर्जी संस्थानों पर अंकुश लगाने का निर्णय लिया गया है. बता दें कि न्यूज विंग ने पिछले कई दिनों से दिव्यांगजनों के फर्जी संस्थानों से संबंधित खबरें प्रमुखता से प्रकाशित करता आ रहा है. इसी आलोक में सरकार की तरफ से कार्रवाई करने का फैसला लिया गया है. महिला और बाल विकास विभाग की एजेंसी राज्य नि:शक्तता आयुक्त कार्यालय की तरफ से अब ऐसे फर्जी संस्थानों पर नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी गयी है. इसमें यह कहा गया है कि दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्यरत संस्थानों के अध्यक्ष, सचिव अथवा प्रबंधन को एक माह के अंदर अपना स्पष्ट प्रमाणपत्र उपलब्ध कराना होगा. दिव्यांगजन अधिकार अधिनिय-2016 के तहत सभी स्वंयसेवी संस्थानों के लिए निबंधन आवश्यक कर दिया गया है. इसे कई राज्य सरकारों ने प्रमुखता से लागू नहीं किया. कई राज्यों में केंद्रीय नियमावली लागू नहीं होती है, जिससे कुकुरमुत्ते की तरह फर्जी संस्थान दिव्यांगता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. इन पर सरकार की तरफ से किसी तरह की जांच करने का कोई फॉर्मुला भी लागू नहीं होता है. ऐसे संस्थान भारतीय पुनर्वास परिषद के नाम पर अपने संस्थान का कारोबार संचालित करने में सफल हो रहे हैं.

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दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम की धारा 51 में लाइसेंस लेना जरूरी

सरकार ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम की धारा 50 के तहत स्पष्ट किया है कि केवल मानसिक स्वास्थ्य 1987 की धारा-8 के तहत चल रहे संस्थानों के लिए निबंधन की जरूरत नहीं है. अन्य सभी संस्थानों को अधिनियम की धारा 51 के अंतर्गत सक्षम पदाधिकारी की ओर से जारी किया गया पंजीकरण प्रमाणपत्र उपलब्ध कराना जरूरी है. इस पंजीकरण प्रमाणपत्र से ही दिव्यांगजनों के लिए विद्यालय, छात्रावास, अन्य कल्याणकारी संस्थान संचालित करने का अधिकार होगा.

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गिर सकती है कई संस्थानों पर गाज

झारखंड में दिव्यांगजनों के लिए कार्य कर रहे कई संस्थानों पर इस फॉर्मुले को प्रभावकारी बनाने से अंकुश लग सकता है. इसमें स्पर्श संस्थान देवघर, चाइल्ड कंसर्न रांची, समर्पण, स्पर्श आवासीय विद्यालय देवघर, छोटानागपुर सांस्कृतिक मंच, इंडियन स्पोर्ट्स फेडरेशन फॉर सेरेब्रल पाल्सी कोडरमा, ग्रीन वैली ट्रेनिंग कॉलेज धनबाद, इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेशल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग, बुद्धा शैक्षणिक संस्थान, चेशायर होम, गुरुनानक स्कूल फॉर हैंडिकैप्ड तथा अन्य शामिल हैं.

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