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ये तेज गेंदबाज स्‍लेजिंग की बजाय बल्‍लेबाजों से शेक्‍सपियर और वर्डसवर्थ के कोट कहता था

टायफून के नाम से मशहूर इंग्‍लैंड के तेज गेंदबाज फ्रैंक टायसन के जन्‍मदिन पर विशेष

New Delhi :  क्रिकेट की दुनिया में स्‍लेजिंग का ये वो दौर था जब खिलाड़ी अक्‍सर अपनी हदें पार कर देते थे. तब क्रिकेटरों की निजी जिंदगी को मैदान पर निशाना बनाया जाना आम बात होती थी. खासकर गेंदबाजों और फील्‍डरों की ओर से जमकर स्‍लेजिंग होती थी. अब भी स्‍लेजिंग होती है. खिलाडि़यों को अपनी बातों में उलझाकर खेल पर से ध्‍यान हटाने के प्रयास किए जाते हैं. आज हम आपको ऐसे खिलाड़ी के बारे में जानकारी देंगे जिसने स्‍लेजिंग के मायने ही बदल दिए.

ऐसा कहा जाता है कि तेज गेंदबाजों में गुस्‍सा ज्‍यादा होता है, लेकिन ये खिलाड़ी गेंदबाजी के दौरान बल्‍लेबाजों के कान में विलियम शेक्‍सपियर (William Shakespeare) और विलियम वर्डसवर्थ (William Wordsworth) की बातें कहता था. ये नजारा वाकई शानदार था. क्रिकेट की दुनिया में टायफून नाम से विख्‍यात इंग्‍लैंड (England Cricket Team) के तेज गेंदबाज फ्रैंक टायसन (Frank Tyson) का आज जन्‍मदिन है.

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17 टेस्‍ट में 76 विकेट हासिल किए

 

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फ्रैंक टायसन का जन्‍म 6 जून 1930 को लंकाशायर में हुआ था. दिग्‍गज बल्‍लेबाज रिची बेनॉ ने फ्रैंक को उनके द्वारा खेले गए सभी गेंदबाजों में सबसे तेज करार दिया था. टायसन ने 17 टेस्‍ट में 18 के अद्भुत औसत से 76 विकेट हासिल किए थे.

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क्‍वालीफाइड स्‍कूल मास्‍टर थे

डरहम यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने वाले फ्रैंक टायसन अपने साथी क्रिकेटरों से कई मायनों में अलग थे. फ्रैंक क्‍वालीफाइड स्‍कूलमास्‍टर थे और उन्‍हें ज्‍यॉफ्री चौकर, जॉर्ज बर्नाड शॉ और वर्जिनिया वॉल्‍फ को पढ़ना पसंद था. इसका असर मैच में देखने को भी मिलता था. जब वो बल्‍लेबाज को स्‍लेजिंग करने की बजाय उसके कान में शेक्‍सपियर के कोट बोला करते थे.

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इंग्‍लैंड को एशेज सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभाई

फ्रैंक टायसन ने 1954-55 में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ इंग्‍लैंड को एशेज सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभाई. ब्रिस्‍बेन में इंग्‍लैंड को हार मिली थी और टायसन 160 रन देने के बाद भी सिर्फ एक ही विकेट हासिल कर सके थे. मगर फिर सिडनी में दूसरे टेस्‍ट में उन्‍होंने दस विकेट लिए तो मेलबर्न में नौ विकेट चटकाए. मेलबर्न में तो उन्‍होंने दूसरी पारी में 27 रन देकर सात विकेट हासिल किए.

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चोटों ने जल्‍दी खत्‍म कर दिया करियर

चोटों ने उनका करियर जल्‍दी खत्‍म कर दिया. फिर बाद में वो ऑस्‍ट्रेलिया जाकर बस गए और वहां कुछ समय के लिए स्‍कूल में हेडमास्‍टर बन गए. फ्रैंक टायसन ने इंग्‍लैंड के लिए 17 टेस्‍ट में 76 विकेट लिए तो प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 244 मैचों में 767 विकेट हासिल किए.

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