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ई-कॉमर्स कंपनियों को कोसने की बजाय अपनी सोच में बदलाव करने की जरूरत  : प्रो संजीव वार्ष्णेय

ई कॉमर्स की चुनौतियों को लेकर चैंबर भवन बिष्टुपुर में सेमिनार का आयोजन

Jamshedpur : एक्सएलआरआई जमशेदपुर के मार्केटिंग के प्रोफेसर संजीव वार्ष्णेय ने कहा है कि अब व्यापरियों को जागने की जरूरत है. केवल ई कॉमर्स कंपनियों को कोसने से कुछ नहीं होगा. खुद को उस लेवल पर तैयार करना होगा. प्रोफेसर वार्ष्णेय मंगलवार शाम को सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से चैंबर भवन, बिष्टुपुर में ई कॉमर्स पर आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रहे थे.

प्रोफेसर वार्ष्णेय ने कहा कि आज देश की लगभग 50 प्रतिशत जनता ऑनलाइन खरीददारी कर रही है. व्यापारियों को कस्टमर फर्स्ट की नीति पर काम करना होगा. आज मार्जिन पर नहीं, बल्कि रिटर्न ऑफ इन्वेस्टमेंट पर बात करने की जरूरत है. उन्होंने व्यापारियों को साफ कहा कि सोच को बदलने की जरूरत है. व्यापार को नये नजरिए और बड़ी सोच से देखकर व्यापरियों को डेटा मैनेजमेंट सीखने की जरूरत है. एक्सएलआरआई  के ही फाइनांस के प्रोफेसर संतोष संगम ने कहा कि  व्यापारियों को ई कॉमर्स से डरने की नहीं, अपितु योजनाबद्ध तरीके से काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि व्यापारी को व्यापार के हर पहलू को वैज्ञानिक तरीके से समझने की जरूरत है. पारंपरिक व्यवसाय  को भी सकारात्मक सोच से बुलंदियों तक पहुंचाया जा सकता है. व्यापार को नयी पीढ़ी के लिए सुविधाजनक बनाना पड़ेगा, ताकि नयी पीढ़ी व्यापार से विमुख न हो. व्यापार को अब मुनाफे की बजाय टर्नओवर पर केंद्रित करना होगा. अब व्यापारियों को सामूहिक रूप से जुड़कर एक साथ काम करने की जरूरत है, ताकि इन बड़ी कंपनियों को टक्कर दी जा सके.

इसके पहले चैंबर के अध्यक्ष विजय आनंद मुनका ने स्वागत भाषण दिया. उन्होंने कहा कि इस सेमिनार को आयोजित करने का मकसद यह है कि ई कॉमर्स की चुनौतियों का व्यापारी वर्ग कैसे सामना करें, इसके बारे में जाने. सेमिनार के  विषय के बारे में उपाध्यक्ष (ट्रेड एंड कॉमर्स) नितेश धूत ने जानकारी दी. सेमिनार का संचालन महासचिव मानव केडिया एवं धन्यवाद ज्ञापन सचिव (ट्रेड एंड कॉमर्स) अनिल मोदी ने किया. मौके पर चैंबर के उपाध्यक्ष मुकेश मित्तल, कोषाध्यक्ष किशोर गोलेच्छा, सचिव पीयूष चौधरी, भरत मकानी, नवल किशोर बर्णवाल, दिलीप गोयल, सत्यनारायण अग्रवाल मुन्ना, सतीश सिंह, सतीश सिंह, संतोख सिंह, चंद्रकांत जटकिया, पवन शर्मा, बजरंग लाल अग्रवाल, आनंद चौधरी आदि उपस्थित थे.

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