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टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट्स का हिस्सा बनने की बजाय अब टाटा स्टील का हिस्सा होगी टाटा मेटालिक्स आलोक कृष्ण होंगे कंपनी के एडिशनल डायरेक्टर

Jamshedpur: टाटा मेटालिक्स लिमिटेड के निदेशक मंडल ने 22 सितंबर को आयोजित अपनी बैठक में सर्वसम्मति से टाटा मेटालिक्स लिमिटेड को टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स लिमिटेड के साथ समामेलन (एमल्गमेशन) की मौजूदा योजना को वापस लेने का निर्णय लिया, जिसे 13 नवंबर, 2020 को आयोजित इसकी बैठक में पहले मंजूरी दी गई थी. इसे वापस लेने का निर्णय दोनों कंपनियों की अंतर्निहित व्यावसायिक स्थितियों में महत्वपूर्ण बदलावों के कारण लिया गया था, जिसके परिणामस्वरूप अंतर्निहित लाभ कम प्रतीत हो रहे थे, जिनकी शुरुआत में परिकल्पना की गई थी.

बाद में बोर्ड ने टाटा स्टील लिमिटेड में और उसके साथ कंपनी के समामेलन (एमल्गमेशन) की एक योजना पर विचार किया और सर्वसम्मति से इसे मंजूरी दे दी. बोर्ड ने स्वतंत्र निष्पक्षता और मूल्यांकन राय के आधार पर समामेलन (एमल्गमेशन) प्रस्ताव पर विचार किया है और कंपनी अधिनियम,2013 तथा भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के नियमों के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया है. स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ताओं की रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड ने प्रस्तावित समामेलन (एमल्गमेशन) के लिए जो स्वैप अनुपात को मंजूरी दी है, उसके अनुसार टाटा मेटालिक्स लिमिटेड के प्रत्येक 10 शेयरों के लिए टाटा स्टील लिमिटेड के 79 शेयर होंगे.

टाटा स्टील की आरएंडी की मदद मिलेगी
प्रस्तावित समामेलन (एमल्गमेशन) का उद्देश्य टाटा स्टील की बुनियादी संरचना, आर एंड डी, डिजिटल और परियोजना निष्पादन क्षमताओं का लाभ उठाकर डक्टाइल आयरन पाइप के व्यवसाय के अपने ऑपरेशन को बढ़ाने में सक्षम बनाना है. बिज़नेस को टाटा स्टील से सर्वोत्तम अभ्यासों, ह्यूमन कैपिटल और तकनीकी जानकारी के हस्तांतरण से भी लाभ होगा. प्रस्तावित समामेलन (एमल्गमेशन) सेंट्रलाइज्ड प्रोक्योरमेंट, इन्वेंट्री के अनुकूलन और बेहतर सुविधा के उपयोग के माध्यम से तालमेल को बढ़ावा देगा. यह सिस्टम में ओवरहेड और कॉर्पोरेट लागत को कम करने और शेयरधारकों के लिए मूल्य बढ़ाने में भी मदद करेगा. समामेलन (एमल्गमेशन) की योजना अब एक परिभाषित नियामक अनुमोदन प्रक्रिया में चली जाएगी, जिसमें स्टॉक एक्सचेंजों और एनसीएलटी द्वारा अनुमोदन शामिल है.
बोर्ड में परिवर्तन
5 साल से अधिक समय तक टाटा मेटालिक्स का सफलतापूर्वक नेतृत्व करने के बाद संदीप कुमार 31 अक्टूबर 2022 से कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक के रूप में पद छोड़ देंगे और टाटा स्टील सिस्टम के भीतर एक अन्य कार्यभार संभालेंगे. नतीजतन निदेशक मंडल ने नॉमिनेशन एंड रिम्यूनरेशन कमिटी की सिफारिश पर आलोक कृष्णा की नियुक्ति को 1 नवंबर, 2022 से कंपनी के एडिशनल डायरेक्टर के रूप में मंजूरी दे दी है. कृष्णा वर्तमान में टीआरएफ लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और 1 नवंबर, 2022 से कंपनी के प्रबंध निदेशक तथा प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक का पदभार ग्रहण करेंगे.

Sanjeevani

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