DhanbadJharkhandRanchiSports

INSPIRING: स्टेशन पर बितायी रातें, ईयरफोन बेचा, पर फुटबॉल न छोड़ा, अब मिला ये ‘सम्मान’

  • झारखंड के युवा अमित कुमार महतो की प्रेरक कहानी

Ranchi: धनबाद के युवा अमित कुमार महतो ने फुटबॉल के प्रति अपने प्रेम और समर्पण का ऐसा उदाहरण पेश किया है जिससे हर कोई प्रेरणा ले सकता है. साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले अमित को अडानी ने फील्ड मैनेजमेंट अधिकारी की नौकरी से सम्मानित किया है.  अमित की की यह उपलब्धि एक लंबे संघर्ष का इनाम है. सामान्य परिवार से आने वाले अमित के मां-बाप को लगता था कि जल्दी से शादी कर देने से जिम्मेदारियां खेल के प्रति उनके जुनून को कम कर देंगी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सीमित संसाधनों के अमित अपने लक्ष्य को पूरा करने के निकल पड़े. उन्हें एक आजीविका की तलाश थी, जो उनको फुटबॉल कोचिंग लेने में मदद कर सके. इसी तलाश ने उनको सैकड़ों किलोमीटर दूर अहमदाबाद पहुंचा दिया.

Jharkhand Rai

यात्रा आसान नहीं थी. अहमदाबाद में रेलवे स्टेशन उनका घर बन गया. फिर कई वर्षों बाद, एक साझा आवास में रहने का ठिकाना मिला. जहां आठ अन्य लोग भी रहते थे. महतो ने दिन के समय में इयरफोन बेचना शुरू कर दिया. ताकि, शाम को वह अपनी फुटबॉल कोचिंग जारी रख सकें.

जल्द ही उनके प्रशिक्षकों ने खेल के प्रति महतो की अटूट लगन को महसूस किया. प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षण खर्च का बोझ अपने ऊपर ले लिया. इस सहयोग की वजह से, महतो हर महीने कमाये गये 5000 रुपये में से कुछ हिस्सा अपने परिवार को भी भेजने में कामयाब हो गये. जब इस बात की जानकारी लोगों तक पहुंची तो फुटबॉल अकादमी में उनके सहयोगियों सहित कई लोगों ने स्वेच्छा से उन्हें ट्रेनिंग गियर जैसे जूते और सुरक्षात्मक इक्विपमेंट उपलब्ध करा दिया.

अपनी कोचिंग को आगे बढ़ाने के लिए महतो ने अडानी शांतिग्राम स्थित अडानी स्पोर्ट्सलाइन फुटबॉल ग्राउंड आना जारी रखा. एक दिन संस्था को संचालित करने वाले मैनेजमेंट को उनके बारे में पता चला. काम के प्रति उनके समर्पण से प्रभावित होकर अडानी स्पोर्ट्सलाइन टीम ने उनकी कोचिंग की फीस माफ कर दी. उन्हें एक अच्छे वेतन वाली फील्ड मैनेजमेंट अधिकारी की नौकरी से सम्मानित किया.

Samford

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: