West Bengal

आस्था पर चोट :  चितरंजन में 65 वर्षों से हो रहे रथ उत्सव को कोरोना की वजह से किया गया स्थगित

Chitranjan :  कई वर्षों से चितरंजन शहर में रथ उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. लेकिन इस वर्ष करोना महामारी खत्म नहीं होने की वजह से परिस्थितियां बदल गयी. चित्तरंजन शहर के जगन्नाथ की रथ यात्रा को  स्थगित कर दिया गया.

गौरतलब है कि चितरंजन शहर का सबसे पुराना और सबसे भव्य रथ उत्सव सालनपुर ब्लॉक सहित चित्तरंजन फतेहपुर और क्षेत्र संख्या 6 में आयोजित किया जाता है. 65 वर्षों से हो रहे रथ का त्योहार कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण रुक गया है.

इसे भी पढ़ेंः कोलकाता :  नहीं बढ़ रहा किराया, बंगाल की सड़कों से नदारद हो रही हैं प्राइवेट बसें

शुरू हो गया था रथ बनाने का काम

हालांकि फतेहपुर स्थित जग्गनाथ मंदिर के समीप इस साल भी रथ बनाने का काम शुरू हुआ. लेकिन कोरोना के कारण बनाने का काम रोक दिया गया. मंदिर कमिटी के सचिव गोपबंधु श्यामल ने कहा कि वे सभी दुखी है. क्योंकि इस बार रथयात्रा नहीं होगी. उन्होंने कहा कि नीलचक्र समिति ने 1955 में रेलवे शहर में रथ उत्सव शुरू किया था. फिर 1992 में उड़िया प्रबासी समिति की पहल पर फतेहपुर में जगन्नाथ का एक सुंदर स्थायी मंदिर बनाया गया.

इसे भी पढ़ेंः कोलकाता और उत्तर 24 परगना में नहीं थम रहा कोरोना वायरस का संक्रमण

इन स्थानों पर होगी पूजा

तब से इस रथ उत्सव के बारे में स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखा गया. हर साल वे रथ के दिन जगन्नाथ देव का प्रसाद वितरित करते हैं. भोग प्रसाद के लगभग 1800 पैकेट यहां से लोगों को दिए जाते हैं. लेकिन इस बार सब कुछ बंद हो गया मगर जगन्नाथ देव की पूजा मंदिर में होगी.

उधर चितरंजन एरिया छह के वार्ड पार्षद बाप्पा कुण्डू ने बताया कि इस बार इजाजत नहीं मिलने से कोई मेला नहीं लगेगा. लेकिन रोड नंबर 29 और रोड नंबर 25  में विशिष्ट  पूजा होगी.

इसे भी पढ़ेंः जगन्नाथ रथ यात्रा को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी लेकिन ये है शर्त

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button