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कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने के 5वें दिन इनफेक्टिविटी सबसे अधिक, करीब 12 दिनों तक बना रहता है खतरा

Ranchi: राज्य में कोरोना संक्रमण के मामलों में काफी तेजी आ रही है. राज्य में अब प्रतिदिन एक हजार के आसपास नये मामले आ रहे हैं. ऐसे में लोगों के मन में संक्रमण को लेकर कई तरह के डर हैं, यह डर जानकारियों और जागरुकता के आभाव के कारण भी हैं. इसको लेकर रिम्स के पीएसएम विभाग के प्रोफेसर और कोरोना को फ्रंट से लीड कर रहे डाॅ देवेश ने कुछ जानकारियां दी हैं.

उन्होंने बताया कि अगर कोई कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया है तो चौथे और पांचवें दिन कोरोना का इनफेक्टिविटी रेट सबसे अधिक होता है. उसी दौरान मरीज में लक्षण दिखाई देने लगते हैं. पर 85 प्रतिशत मामलों में यह एसिंप्टोमेटिक होता है जिसका मतलब मरीज में कोई लक्षण नहीं दिखना होता है. डाॅ देवेश का कहना है हालांकि 12 दिनों तक संक्रमण का खतरा बना रहता है. इसलिए ही 14 दिनों तक क्वॉरेंटाइन में रहने का निर्देश दिया जाता है.

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किसी तरह के संपर्क में आने पर जांच जरुरी

विशेषज्ञ डाॅक्टर ने बताया कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद पांच दिनों के अंदर जांच बेहद जरूरी है. लक्षण होने या नहीं हो, दोनों ही स्थिति में जांच जरूरी है. साथ ही उन्होंने बताया कि किसी भी तरह की मौसमी बिमारी, सर्दी, खांसी, जुखाम, बुखार होने पर भी बिना किसी संकोच के जांच करा लेना आवश्यक है. कई लोग मौसम में बदलाव के कारण सर्दी खांसी या बुखार बताकर जांच से बच रहे हैं.

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जिन घरों में गर्भवती महिलाएं व गंभीर बिमारी के मरीज वो रहें सतर्क

डाॅक्टरों के अनुसार जिनके घर में गर्भवती महिलाएं और गंभीर बिमारी के मरीज हैं उन्हें अधिक सतर्क रहने की जरूरत है. डाॅक्टरों के अनुसार जरूरत से अधिक अस्पताल का चक्कर नहीं काटना चाहिये. जितनी भी डाॅक्टरी सलाह की जरूरत है वो सब एक बार में ही ले लेने की कोशिश होनी चाहिये. बार-बार अस्पताल जाने से संक्रमित होने का खतरा बना रहता है.

घर में जगह कम है और आपस में मिलकर रहना है तो मास्क लगाकर ही रहना चाहिये. गर्भवती महिलाओं के मामले में यह कोशिश करनी चाहिए कि गर्भवती से बाहर आने जाने वाले परिजन से सीधे संपर्क में न आएं. साथ ही डिलीवरी के समय से कुछ दिनों पहले से ही कोशिश करनी चाहिये कि वह होम आइसोलेशन का सही तरीके से पालन करें. वहीं वैसे परिजन जो लगातार घर से बाहर आना जाना करते हों उन्हें गंभीर बिमारी वाले मरीजों और उम्रदराज सदस्यों से सीधे संपर्क में आने से भी बचना चाहिए.

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ये भी जानना जरूरी

कोरोना वायरस के सामान्य लक्षणों की बात करें तो इसमें बुखार और सूखी खांसी होती है. अगर आपको ये लक्षण खुद में दिखें तो संभव है कि आप पॉजीटिव हो सकते हैं. कुछ मामलो में गले में खरास, सिर दर्द और डायरिया की शिकायत भी पायी गयी थी, जिसके बाद टेस्ट कराने पर रिजल्ट पॉजिटिव आया. हाल के दिनों में एक और लक्षण सामने आया है. बहुत से लोगों ने बताया कि उन्हें किसी भी चीज की गंध समझ नहीं आ रही थी. यानी ये भी एक लक्षण है.

लेकिन सबसे अहम सवाल यह है कि क्या हल्की या सामान्य सर्दी के लक्षण जैसे नाक बहना और छींकना भी कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण हो सकते हैं? दरअसल कुछ मामले इन लक्षणों के साथ भी सामने आए हैं. कई शोधों के मुताबिक, ऐसा भी हो सकता है कि कोई शख्स संक्रमित हो लेकिन उसमें कोई लक्षण नजर ना आए और उसे पता ही ना चले कि वो संक्रमित है.

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