Education & CareerJharkhandRanchi

इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय को सीबीएसई से मिलेगी मान्यता, मॉडल स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से होगी पढ़ाई

Ranchi :  स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग अगले शैक्षणिक सत्र से स्कूली एजुकेशन में कई नये कदम उठाने जा रहा है. इसकी तैयारियां भी विभाग ने शुरू कर दी हैं.

नये शैक्षणिक सत्र में कस्तूरबा आवासीय विद्यालय, मॉडल स्कूलों के साथ-साथ राज्य के रेसिडेंसियल स्कूलों में एक इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय हजारीबाग में बदलाव देखने को मिलेगा.

अभी कोरोना के खतरे को देखते हुए इन स्कूलों की विभागीय प्रक्रिया की गति में कमी आयी है.

इसे भी पढ़ेंः #Lockdown21: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अपील, कोरोना महामारी से संघर्ष में सीएम राहत कोष में दान दें सक्षम लोग

इंदिरा गांधी स्कूल को सीबीएसई की मान्यता मिलेगी

विभागीय सचिव के मुताबिक नये शैक्षणिक सत्र 2020-21 से इसकी प्रक्रिया शुरू हो सकती है. इसके तहत इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड की ओर से मान्यता मिलेगी. इसके लिए बोर्ड को पत्र लिखा जायेगा.

इस विद्यालय में वर्तमान में क्लास 6 से 12वीं तक की पढ़ाई करायी जाती है. अभी स्कूल झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से मान्यता प्राप्त है.

यही यहां नामांकन के लिए नामांकन परीक्षा लेता है. गौरतलब है कि इससे पूर्व शैक्षणिक सत्र 2019-20 में नेतरहाट स्कूल को सीबीएसई से मान्यता दिलायी जा चुकी है.

इस वर्ष से नेतरहाट स्कूल के 10वीं और 12वीं बोर्ड के विद्यार्थी सीबीएसई से बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं.

इसे भी पढ़ेंः #COVID2019: कर्नाटक में कोरोना संक्रमण की आशंका में एक शख्स ने फांसी लगाकर दी जान, देश में पीड़ितों की संख्या 649

जिला स्कूल बनेंगे मॉडल स्कूल

इसके अलावा स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग जिलों में मौजूद जिला स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाने की तैयारी में है. इसके लिए विभाग खुलने के साथ ही विद्यालयों के चयन की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.

प्रत्येक जिला के एक-एक विद्यालय को मॉडल स्कूल बनाया जायेगा. विद्यालय की जमीन और इंफ्रास्ट्रक्चर के आधार पर मॉडल स्कूल बनाये जायेंगे. इसके लिए जल्द ही अलग से बजट की राशि का भी प्रावधान किया गया है.

89 मॉडल स्कूल बनेंगे आवासीय विद्यालय

विभाग राज्य के मॉडल स्कूलों को आवासीय विद्यालय बनाने की तैयारी कर रहा है. गौरतलब है कि राज्य में केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर मॉडल शुरू किये गये हैं. अभी कुल 89 मॉडल स्कूल संचालित हो रहे हैं. इन स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करायी जाती है.

इन मॉडल स्कूलों में शिक्षकों की घोर कमी है. शिक्षकों की कमी की वजह से यहां बच्चे नाम लिखाने से कतराते हैं. ऐसे मॉडल स्कूलों का अस्तित्व बचा रहे इसके लिए इन स्कूलों को आवासीय स्कूल में बदला जायेगा. साथ ही शिक्षकों की कमी दूर करने की प्रक्रिया भी की जायेगी.

कस्तूरबा स्कूल की 25 फीसदी सीटों में टेस्ट से एडमिशन

वहीं राज्य के 203 कस्तूरबा स्कूल के 25 फीसदी सीटों नामांकन परीक्षा के माध्यम से होगा. यह नामांकन परीक्षा झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से ली जायेगी.

वहीं इसी सत्र से मॉडल स्कूलों की तरह कस्तूरबा स्कूलों में भी अंग्रेजी माध्यम से ही पढ़ाई करायी जायेगी. इसकी भी प्रक्रिया चल रही है.

इसे भी पढ़ेंः #CoronaVirus के खौफ से अपराधी भी हुए #LockDown

Telegram
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button
Close