BusinessLead NewsNational

भारत के ‘ वारेन बफेट ’ राकेश झुनझुनवाला का बड़ा दांव, सस्ती उड़ान के लिए लायेंगे नयी एयरलाइंस

अगले चार साल में 70 प्लेन खरीदने का है प्लान

New Delhi : भारत का वारेन बफेट कहा जाने वाले राकेश झुनझुनवाला सस्ती उड़ान सेवा के लिए नई एयरलाइंस कंपनी ला रहे हैं. देश के सबसे बड़े निवेशक झुनझुनवला इस नए एयरलाइन वेंचर में 3.5 करोड़ डॉलर (लगभग 260.7 करोड़ रुपए) का निवेश कर सकते हैं. एयरलाइन कंपनी में अगले 4 साल में 70 विमानों को शामिल करने की बात भी सामने आ रही है. उम्मीद है कि साल के अंत तक कंपनी के विमानों का परिचालन शुरू हो जाएगा.

रिपोर्ट के मुताबिक जेट एयरवेज के पूर्व सीईओ विजय दूबे के साथ झुनझुनवाला नई एयरलाइन का गठन करने वाले हैं. फोर्ब्स के मुताबिक झुनझुनवाला की नेटवर्थ 4.6 अरब डॉलर (लगभग 34.21 हजार करोड़ रुपए) है.

15 दिन के अंदर नो सर्टिफिकेट मिल जाएगा

रिपोर्ट्स के मुताबिक नई एयरलाइन के पीछे भारत के ज्यादा से ज्यादा लोगों को सस्ती हवाई यात्रा मुहैया कराने की मंशा है. झुनझुनवाला को कंपनी में 3.5 करोड़ डॉलर के निवेश पर 40% हिस्सेदारी मिलेगी.

advt

ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि हमें अगले 15 दिन में एविएशन मिनिस्ट्री से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) की उम्मीद है. घरेलू विमान सेवा में लॉकडाउन से पहले वृद्धि दर ऊंची रही है.

लोग सस्ती दर पर विमानों में जाना पसंद करने लगे हैं. लॉकडाउन से पहले दिसंबर 2019 में 1.3 करोड़ पैसेंजरों ने उड़ान भरी, इनमें से 82 प्रतिशत ने सस्ती विमान सेवा का इस्तेमाल किया.

इसे भी पढ़ें :Tokyo Olympics : Mary Kom पदक की दौड़ से बाहर, PV Sindhu पहुंची क्वॉर्टर फाइनल में

एयरलाइन कंपनी का नाम हो सकता है Akasa Air

नई एयरलाइन कंपनी का नाम ‘आकासा’ (Akasa Air) हो सकता है. नई एयरलाइन कंपनी की टीम के साथ डेल्टा एयरलाइंस के पूर्व सीनियर एग्जीक्युटिव भी शामिल होंगे. राकेश झुनझुनवाला ने बताया कि एयरलाइन के बेड़े में शामिल होने वाले विमानों की क्षमता 180 पैसेंजर्स तक की हो सकती है. झुनझुनवाला के पास स्पाइसजेट और ग्राउंडेड एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज में 1-1% की हिस्सेदारी है. देश के घरेलू विमान बाजार में इंडिगो की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है. घरेलू विमान सेवा में 55 प्रतिशत हिस्सेदारी इंडिगो की है.

इसे भी पढ़ें :मॉनसून सत्र का चौथा दिन: विपक्ष का हंगामा, स्पीकर भड़के, तेजस्वी ने लाया कार्य स्थगन प्रस्ताव

कोरोना संकट के बाद विमानन क्षेत्र में तरक्की की आस

महामारी के पहले भी विमान सेवा आर्थिक संकट से गुजर रही थी. उदाहरण के तौर पर किंगफिशर कभी देश की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन थी, लेकिन 2012 में कंपनी को अपना कारोबार ठप करना पड़ा.

जेट एयरवेज भी होनेवाली है फिर से चालू

इसी तरह जेट एयरवेज भी 2019 से ग्राउंडेड है, जो अब एक फिर उड़ान भरने की तैयारी में है. इसे रांची के रहनेवाले और दुबई बेस्ड मुराली जालान के नेतृत्व वाली ग्रुप ने टेकओवर कर लिया है. टाटा ग्रुप और सिंगापुर एयरलाइन लिमिटेड के जॉइंट वेंचर वाली कंपनी विस्तारा और इंडिगो भी कोरोना महामारी के चलते आर्थिक तंगी में हैं.

लेकिन उम्मीद है कि कोरोना संकट के बाद एक बार फिर विमान सेवा में तरक्की होगी. इसी उद्येश्य से राकेश झुनझुनवाला ने नई कंपनी खोलने की योजना बनाई है.

इसे भी पढ़ें :ट्विटर पर फॉलोअर्स की संख्या में PM MODI की छलांग, जानिये कितने नंबर पर पहुंचे

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: